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Navodaya Ki Shaan By Pankaj Chourey

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27 -Sep-2019 PANKAJ CHOUREY Student Poems 0 Comments  675 Views
PANKAJ CHOUREY

* नवोदय हमारी शान *
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आओ मिलकर हम उन यादों को ताजा करे।
उठ जाए सर फख्र से उन अनुभवों को साझा करे।।

जिक्र-ए- तारीफ में तेरे लिए अल्फाज कहां से लाऊ। "नवोदय " शब्द ही काफी है जिसमें सारा ब्रह्मांड समाया हैं।सात सालों में सात जन्मों का हिसाब लगाऊ तो भी कम होगा। कोई क्या पुछेगा हमसे कि हे प्राणि तू कहाँ से आया है।।

आओ मिलकर.........

फिक्र नहीं है कोई अब और न कोई मलाल है।
डाल दिया है सब कुछ इस झोली में उस aijaa परिवार में सभी का इस्तेकबाल हैं। सीखा दिया है फलसफ़ा जिन्दगी में जीने का।अब न कोई है किस्मत का मारा न कोई है बेचारा।।

आओ मिलकर............

भूल जाए न हम उन पलों को जो हमनें यहाँ बिताए थे । ये "नवोदय " की दुनियाँ हेै प्यारो जिसका ताना बाना aijaa परिवार ने बुनाया है।
मंजिले मिली और राहें आसान हो गयी तेरी ही कोशिशों से जिन्दगी शान से शानदार हो गयी।।

आओ मिलकर...........

कर न सकुगाँ अदा कभी भी शुक्रियाँ तेरा।
वो दिन ही न आए कभी जब जिक्र न हो तेरा।
माना कि हम अंजान थे नादान थे थोड़ेे से नटखट थोड़े से बेईमान थे ।लेकिन आज है हम पहले पायदान पे।।

आओ मिलकर.........

फऩा होना चाहता हूँ तेरे इस्तेकबाल में ।
तू मेरे महबूब से कम नहीं।
झुक जाए सर मेरा तेरे नमन में ।
मिल गया मुझे सहारा AIJAA परिवार का अब किसी बात का गम नहीं।।

@PANKAJ CHOUREY
Jnv Hoshangabad

Navodaya Ki Shaan By Pankaj Chourey


Dedicated to
7 Years Navodaya Journey

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