Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Nazaron Se Door Hai Par..

0
21 -Jul-2016 Anju Verma Nisha Lonely Poems 0 Comments  360 Views
Anju Verma Nisha

नज़रों से दूर है पर तेरे होने का एहसास है,
छु नहीं सकती तुझको मगर तू मेरे पास है,
यूँ तो हैं मीलों के फ़ासले तेरे मेर दरमियां,
पर फिर भी तू हर वक़्त जैसे मेरे साथ है,
.
हां हूँ तन्हा पर नहीं अकेले मैं कभी रहती,
तेरी यादों से ही हमेशा मैं बातें हूँ करती,
किसी मोड़ पे नहीं मेरे हाथों में तेरा हाथ है,
पर फिर भी तू हर वक़्त जैसे मेरे साथ है,
.
तेरे ख्वाबों से मेरी हर सुबह खिल जाती है,
और ये हवाएँ भी मुझे तेरा पैगाम सुनाती हैं,
ढलती शाम में मुझे तेरी खूशबू का एहसास है,
क्योंकि तू हर वक़्त जैसे रहता मेरे साथ है…….

Nazaron Se Door Hai Par..


 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017