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पाना चाहता था तूजको पर तुझसे दूर चला गया

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13 -Jul-2020 Abutorab dyer Moral Education Poems 0 Comments  103 Views
Abutorab dyer

सदियों से है तलाश तेरी
नहीं मिली तूह किसीको
जंग लड़ी खून बहाया
कई राजाओं ने तेरे लिए
पैसा दोलत सोहरत मिली
बस जो ना मिला वो तु थी
जो चाहा वो मिला था और
जो ना मिला वो छीन लिया
कर के घर बर्बाद लोगों के
अपने महल को आबाद किया
सब कुछ पा लिया था हमने
बस तुझसे हम और दुर हुऐ
पाना चाहते थे तूजको पर
अब वो भी मुश्किल है
तुझसे पहले अब तो आख़िर
मौत ही मेरी मंजिल है
पाना चाहता था तूजको
पर तुझसे दूर चला गया
पर तुझसे दूर चला गया

_अबुतोरब डायर



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