दो अनोखे फरिश्ते

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10 -Jul-2017 Ruchika Srivastava Parents Day Poem 0 Comments  206 Views
दो अनोखे फरिश्ते

माँ ने सराहा है तो पापा ने पुचकारा है, सब से पहले उन दोनों को ही पुकारा है। माँ ने प्यार के दामन में खिलाया है, तो पापा ने प्यार लुटाना सिखाया है। माँ ने अपने कदमों पे खड़े होने की हिम्मत दी,तो पापा ने चलने की ताकत। खे

माँ से जन्म पिता का नाम

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25 -Nov-2016 Dheeraj Sharma Parents Day Poem 0 Comments  367 Views
माँ से जन्म पिता का नाम

प्रकृति सदैव माता पर ही ममता का भाव धरती है प्रेरित उसी की शक्ति से वो शिशु का चाव करती है पिता जूझता है जीवन में सब सुख साधन भरता है सींच रुधिर से अपने परिवार का संरक्षण करता है याद सदा रखना मन में मात पिता की हर कु

जब वह जिन्दा थे

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27 -Sep-2016 RAKESH RANJAN TIWARI Parents Day Poem 0 Comments  256 Views
जब वह जिन्दा थे

क़द्र नहीं की जब वह जिन्दा थे इज्जत नहीं की जब वह जिन्दा थे जिंदगी की कश्मकश में परवाह नहीं की उनकी जब वह जिन्दा थे लड़ता रहा कभी उनसे कभी खुद से जब वह जिन्दा थे सोचा न था की ऐसा मुकाम भी आएगा उनके बिना भी होगी जिंदगी

मां बाबा

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09 -Sep-2016 Adityaraj Parents Day Poem 0 Comments  258 Views
मां बाबा

अरे लोगों... एक बात बताओ..? प्यार क्या गैरों से ही होती है ? क्या तुम्हारे बाबा मां कुछ भी नहीं? वो मां... जो बचपन में हर वक्त गोद में लिए फिरती थी ! अगर हम न खाएं खाना तो खुद भी न खाती थी !! बुखार हो जाए तनिक भी तो रात रात भर ज

OUR GOD...........

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20 -Jun-2016 B.K RACHNA SINGH Parents Day Poem 0 Comments  394 Views
OUR GOD...........

ghadi ki suei jis tharha chalti hai, jindgi ki sas us tharha ghatti hai, vakt nahi yaha logo ki pass fhir , bhi jane kyu karte hai apna aaj barvad. jane kyu dolat ke pass jate hai, jabki wo nahi jati hmare sath, jane kyu bache maa baap ka apman karte hai,jabke wahi hame dilwate hai samaj mai saman, sabdo ke piche bagte hai, arth samaj nahi ko paya hai, yaha bacho nai hi dolat ke lalach mai , maa baap se picha cudwaya hai, iss lalch bhare jamane mai , koi shrvan nai ban paya hai, yaad rakna baas itna aaj , maa baap ka dil jisne dukhaya hai, aaj

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