Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

--मंगलगान----

0
13 -May-2020 BABUL KUMAR SINGH Patriotic Poems 0 Comments  228 Views
--मंगलगान----

आओ मंगलगान करें राष्ट्र का सम्मान करें खोई खुशियाँ आयी है, मस्ती उमंग भी लाई है हम भी कुछ अब काम करें आओ मंगलगान करें...! दुष्टों का शिकंजा था काल का इसपर पंजा था इसको उसने दूर किया हटने को मजबूर किया उनको भी सलाम कर

भारत माँ कर रही पुकार.

0
13 -May-2020 BABUL KUMAR SINGH Patriotic Poems 0 Comments  436 Views
भारत माँ कर रही पुकार.

भारत माँ कर रही पुकार फिर आओ बेटों एक बार तेरी जरुरत आ पड़ी है मुश्किल अब मुहँ बाए खड़ी है इसको भी करना है पार भारत माँ कर रही पुकार...! बाधा चारों ओर भरा हैं पथ को रोके अब तक खड़ा है इसके खातिर आओ तुम और इसको हटाओ तुम क्या

माँ की देन.......

1
11 -May-2020 BABUL KUMAR SINGH Patriotic Poems 0 Comments  352 Views
माँ की देन.......

जीवन की रफ्तार को माँ, तूने ही बढ़ाया है भारत के इस पुण्य भूमि पर, तूने ही माँ लाया है. अपना जीवन त्याग कर , तूने मुझको पाला है हे माँ जननी जय हो तेरी, तेरी अद्भूत माया है! देश की सेवा करने का माँ, मौका तूने दान दिया मुझक

--हिन्दुस्तान इसे हम कहते हैं....

0
11 -May-2020 BABUL KUMAR SINGH Patriotic Poems 0 Comments  288 Views
--हिन्दुस्तान इसे हम कहते हैं....

ऋषि-मुनियो के इस देश को देखो, इसकी घटा निराली है चारों ओर अद्भूत नजारा, खेतों में हरियाली है. उत्तर में हिमालय इसके, दक्षिण में सिंधु सम्राट रक्षा इसकी ये ही करते, धरकर अपना रूप विराट. जहाँ हर धर्मों के-हर मजहब के, ल

कोरोना को हराना है….

0
26 -Apr-2020 Saroj Patriotic Poems 0 Comments  436 Views
कोरोना को हराना है….

चल रही थी जिंदगी अपनी ही रफ़्तार में, जगी थी दुनिया और खोई थी सपनो के संसार में, चहल पहल थी हर जगह, हर इस्तिहार में , ख़ुशी के पल थे, अपनों का एहसास था हर साँस में !! फिर एक रात का मंजर बदला और बदल गई दुनिया, सुने होने लगे शह

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017