Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

कफ़न में हिंदुस्तान

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10 -Jun-2021 © विक्रम Patriotic Poems 0 Comments  54 Views
कफ़न में हिंदुस्तान

न हिन्दू चाहता हूँ, न मुसलमान चाहता हूँ मैं हर एक शख्स में इंसान चाहता हूँ, बाँट देता हैं शख्सियत जो इंसान की न ही मैं ऐसा भगवान चाहता हूँ! दम तोड़ रही हैं इंसानियत राहों में मुल्क के नहीं मैं कफ़न में हिंदुस्तान च

कश्मीर।

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22 -Feb-2021 Anil Mishra Prahari Patriotic Poems 0 Comments  484 Views
कश्मीर।

कश्मीर। धुआँ-धुआँ कश्मीर, नहीं घाटी सुलगाओ है दुष्कर जो पंथ, मिलो खुद ही सुलझाओ, खून - खराबा, हिंसा पर जय पाना होगा भूले हुए पथिक को फिर घर आना होगा। करे शत्रु का पोषण, सत् आचार नहीं है दुश्मन के संग रहे, वतन का यार नह

पुलवामा के शहीदों को

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पुलवामा के शहीदों को

जब थे गहरी नींद में ही तुम तब तक वो जा चुका था इस जग को छोङ उस नीले नभ में वो समा चुका था चीथङो की शक्ल में थी शहादत उसकी पूरा देश पढ़ रहा था इबादत उसकी किये वादे वो तोङ गया था रिश्ते नाते सब यही छोङ गया था गमगीन पिता र

गणतन्त्र - दिवस

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26 -Jan-2021 satyadeo vishwakarma Patriotic Poems 0 Comments  255 Views
गणतन्त्र - दिवस

गणतन्त्र - दिवस प्रात हो या रात चाहे निशि-दिन झंझावात माटी का तिलक सदा माथे पे लगाना तुम, माटी ही है गीता औ कुरान भगवान यही आन, बान, शान यही सबको बतलाना तुम। खेत हो या खलिहान हो ज़मीं या आसमान वंदे-मातरम का गीत सबको सु

शस्य श्यामला भारत भूमि

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23 -Jan-2021 Dr Sushil sharma Patriotic Poems 0 Comments  348 Views
शस्य श्यामला भारत भूमि

शस्य श्यामला भारत भूमि (देश भक्ति गीत ) डॉ सुशील शर्मा आज शहीदों के जीवन को आओ मिल कर नमन करें। शस्य श्यामला भारत भूमि आओ इसको रतन करें। तिमिर गुलामी का झेला है अग्नि पथों से गुजर चुका। ज्योति जागरण नव प्रभात का सं

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