Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

पुलवामा के शहीदों को

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पुलवामा के शहीदों को

जब थे गहरी नींद में ही तुम तब तक वो जा चुका था इस जग को छोङ उस नीले नभ में वो समा चुका था चीथङो की शक्ल में थी शहादत उसकी पूरा देश पढ़ रहा था इबादत उसकी किये वादे वो तोङ गया था रिश्ते नाते सब यही छोङ गया था गमगीन पिता र

गणतन्त्र - दिवस

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26 -Jan-2021 satyadeo vishwakarma Patriotic Poems 0 Comments  131 Views
गणतन्त्र - दिवस

गणतन्त्र - दिवस प्रात हो या रात चाहे निशि-दिन झंझावात माटी का तिलक सदा माथे पे लगाना तुम, माटी ही है गीता औ कुरान भगवान यही आन, बान, शान यही सबको बतलाना तुम। खेत हो या खलिहान हो ज़मीं या आसमान वंदे-मातरम का गीत सबको सु

शस्य श्यामला भारत भूमि

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23 -Jan-2021 Dr Sushil sharma Patriotic Poems 0 Comments  79 Views
शस्य श्यामला भारत भूमि

शस्य श्यामला भारत भूमि (देश भक्ति गीत ) डॉ सुशील शर्मा आज शहीदों के जीवन को आओ मिल कर नमन करें। शस्य श्यामला भारत भूमि आओ इसको रतन करें। तिमिर गुलामी का झेला है अग्नि पथों से गुजर चुका। ज्योति जागरण नव प्रभात का सं

मेरा देश

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10 -Jan-2021 satyadeo vishwakarma Patriotic Poems 0 Comments  82 Views
मेरा देश

शस्यश्यामला माँ की धानी चूनर को शत-शत प्रणाम , हो गया बसंती रंग जिससे उस पावन आँचल को प्रणाम, माँ की खातिर कुर्बान हुये उन अमर शहीदों को प्रणाम, सुर,नर, मुनि,गन्धर्व,चराचर, दिग,दिगंत को है प्रणाम, माटी ही है अरमान मे

गीत (भारत तु जग से न्यारा)

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12 -Dec-2020 Naman Patriotic Poems 0 Comments  230 Views
गीत (भारत तु जग से न्यारा)

गीत (भारत तु जग से न्यारा) (तर्ज़- दिल में तुझे बिठा के) (2212 122 अंतरा 22×4 // 22×3) भारत तु जग से न्यारा, सब से तु है दुलारा, मस्तक तुझे झुकाएँ, तेरे ही गीत गाएँ।। सन सैंतालिस मास अगस्त था, तारिख पन्द्रह प्यारी, आज़ादी जब हमें मिली

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