Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

पुलवामा

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08 -Sep-2019 हर्षवर्धन उपाध्याय Patriotic Poems 0 Comments  194 Views
पुलवामा

पुलवामा अब भारत माता भी अपना केश नही धूलेगी। पहले अब दुशासन की चिता जलेगी ll हद हो गई है उन आतंकवाद के संगठनो की। आम तौर पर होने वाली काशमीर के घटनो की।।2।। वे चालीस जवान नही चालीस तिरंगे थे । देश प्रेम की भावना मे म

कारगिल विजय दिवस पर

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02 -Aug-2019 nil Patriotic Poems 0 Comments  190 Views
कारगिल विजय दिवस पर

कारगिल हो या द्रास न हम कश्मीर किसी को देंगे आँख उठाकर देखा जिसने खून उसीका पी लेंगे यही हमारा देशः कि जिसके सर का मुकुट हिमालय यही हमारा देश कि जिसको कहते हैं देवालय सबसे पहले न्ज्ञान ज्योति का हमने दीप जलाया हर

गुलिस्ताँ

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17 -May-2019 satyadeo vishwakarma Patriotic Poems 0 Comments  147 Views
गुलिस्ताँ

गुलिस्ताँ कितने ज़ुल्म झेले हैं , दोस्ती निभाने में । हाथ जल गए मेरे उसका घर बंचाने में । दुश्मनों से जीती जंग दोस्तों से हारा हूँ , दोस्त सबसे आगे थे नश्तर चुभाने में। नफ़रतों के सौदागर तुम आज भी अकेले हो, अब तक हारत

आँगन भारत माँ का

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28 -Apr-2019 Naveen Kumar Patriotic Poems 0 Comments  151 Views
आँगन भारत माँ का

कल-कल करती नदियाँ हो, और झर-झर गिरता झरना हो। अमराई में कोयल की वो, सात सुरों का गायन हो ।। मैं जहाँ जन्म ले पलू-बढ़ूँ, वो आँगन भारत माँ का हो ।। जिसकी सरहद की रक्षा में, खुद पर्वतराज हिमालय हो। आदिकाल से स्वार्थरहित,

32 मात्रिक छंद "जाग उठो हे वीर जवानों"

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21 -Apr-2019 Naman Patriotic Poems 0 Comments  302 Views
32 मात्रिक छंद

32 मात्रिक छंद "जाग उठो हे वीर जवानों" जाग उठो हे वीर जवानों, तुमने अब तक बहुत सहा है। त्यज दो आज नींद ये गहरी, देश तुम्हें ये बुला रहा है।। छोड़ो आलस का अब आँचल, अरि-ऐंठन का कर दो मर्दन। टूटो मृग झुंडों के ऊपर, गर्जन करत

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