Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

आओ अब लौट चलें वह देश

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03 -Mar-2022 Buddha Prakash Patriotic Poems 0 Comments  121 Views
आओ अब लौट चलें वह देश

आओ अब लौट चलें वह देश ..। अपना देश है बड़ा प्यारा, सुख शांति बसा है प्यार हमारा, अजनबियों के यहांँ से तो अच्छा है, अपनों के लिए लुटा दूंँ प्राण सारा । आओ अब लौट...............।।१। मांँ की ममता बसी हो जहांँ पर, मिट्टी की खुशबू रम

मंजिल से भटकी हूं

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20 -Feb-2022 Megha Raghuwanshi Patriotic Poems 0 Comments  68 Views
मंजिल से भटकी हूं

मंजिल से भटकी हूं या मंजिल ही ना पता पता सबकुछ है ,फिर कैसे कह दूं खुद को लापता कहने को बहुत है राहे, पर चुनना आसान कहा चुन भी लूं, तो मन लगे, बो बात कहा थोड़ी अधूरी, थोड़ी घायल परिंदे जैसी है जिंदगी करना चाहती सबकुछ ह

भारत को सोने का बाज़ बनाना है

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19 -Feb-2022 Neeru Patriotic Poems 0 Comments  68 Views
भारत को सोने का बाज़ बनाना है

न रुकना है, न झुकना है, बस आगे बढ़ते जाना है। चिड़िया नहीं,अब भारत को सोने का बाज बनाना है।। यह पवित्र - पावन भूमि है, यह देश विश्व गुरु है। सिंधु ज्वार, गंगा की धार, धर्म ज्ञान यहीं शुरू है।। वेदों का संसार यहाँ, ज्ञान क

आजादी अनमोल कहानी

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18 -Feb-2022 nil Patriotic Poems 0 Comments  69 Views
आजादी अनमोल कहानी

आजादी अनमोल कहानी! ए मेरे भाई-बहिनों,सुन लो अनमोल कहानी ! जब जब इसको दुहराना,कभी न लगे पुरानी बाल औरआवालों के,घाव उगा था गहरा जिसको देखो उसके था,साँस -साँस पर पहरा राष्ट्र-भावना जब जागी,'डायर' के शूल चुभे कुर्बानी के

तेरे  चरणों   की   धूल   बनूँ। 

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01 -Feb-2022 Anil Mishra Prahari Patriotic Poems 0 Comments  84 Views
तेरे  चरणों   की   धूल   बनूँ। 

तेरे  चरणों   की   धूल   बनूँ।  पूर्ण  करो  तू   साध   विधाता  गले      माल      बन    झूलूँ,  भारत - माता की  चौखट  पर  चढूँ  ,     रेणुका     छू       लूँ।          मधुवन का खिलता  फूल  बनूँ          तेरे   चरणों   की    धूल    बनूँ।  बनूँ  नी

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