Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

देश के जांबाज वीर

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14 -Sep-2020 Harjeet Nishad Patriotic Poems 0 Comments  94 Views
देश के जांबाज वीर

मातृभूमि के सपूत धरती के रखवाले हैं। सिंह जैसी गर्जना ये वीर मतवाले हैं। चीनियों की चटनी बना के चूर चूर किया, दस दस को मारा ये फौलादी सीने वाले हैं। हमसे व्यापार किया हमीं से लड़ाई की। दोस्ती की आड़ में सदा बेवफ़

ऐसा शंखनाद बजाना है।

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12 -Jul-2020 Dr. Swati Gupta Patriotic Poems 0 Comments  349 Views
ऐसा शंखनाद बजाना है।

भारत है हमको प्यारा,ये हमको दिखलाना है, विश्व के मस्तक पर,भारत का मुकुट सजाना है। देश की खातिर वीरों ने प्राणों का बलिदान दिया, वीरों की शहादत का हमको,जग में सम्मान बढ़ाना है। घात लगाए पड़ोसी देश,हरपल चल रहा आतंकी चा

गलवान की सीमा पर

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08 -Jul-2020 Harjeet Nishad Patriotic Poems 0 Comments  299 Views
गलवान की सीमा पर

गलवान की सीमा पर दुश्मन जो घुस के आया। ललकारा बांकुरों ने पीछे उन्हें भगाया। सरहद के वीर रक्षक सीमा के हैं रखवाले। हर एक की हिफाज़त दिन रात करने वाले। दस दस को एक ने मारा धरती पे ला गिराया। ललकारा बांकुरों ने पीछे

--मंगलगान----

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13 -May-2020 BABUL KUMAR SINGH Patriotic Poems 0 Comments  463 Views
--मंगलगान----

आओ मंगलगान करें राष्ट्र का सम्मान करें खोई खुशियाँ आयी है, मस्ती उमंग भी लाई है हम भी कुछ अब काम करें आओ मंगलगान करें...! दुष्टों का शिकंजा था काल का इसपर पंजा था इसको उसने दूर किया हटने को मजबूर किया उनको भी सलाम कर

भारत माँ कर रही पुकार.

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13 -May-2020 BABUL KUMAR SINGH Patriotic Poems 0 Comments  654 Views
भारत माँ कर रही पुकार.

भारत माँ कर रही पुकार फिर आओ बेटों एक बार तेरी जरुरत आ पड़ी है मुश्किल अब मुहँ बाए खड़ी है इसको भी करना है पार भारत माँ कर रही पुकार...! बाधा चारों ओर भरा हैं पथ को रोके अब तक खड़ा है इसके खातिर आओ तुम और इसको हटाओ तुम क्या

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