Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

राष्ट्र पथ

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09 -Apr-2020 kunal bardia Patriotic Poems 0 Comments  260 Views
राष्ट्र पथ

होकर अडिग, निश्छल सदा, बढ़ते रहो राष्ट्र पथ पर चाहे अर्पण हो तन मन धन, पर रूकना ना कभी घबराकर राष्ट्र पथ कठिनाइयों का होगा अवश्य, यह ठान लो मन में कुछ दुश्मन सीमांओं पर होंगे, कुछ जयचंद होंगे अगल बगल में विभाजन, विखंड

राष्ट्र का विचार, मतदान का आधार

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09 -Apr-2020 kunal bardia Patriotic Poems 0 Comments  85 Views
राष्ट्र का विचार, मतदान का आधार

स्वयं का हित छोड़, चलो आज नया विचार करें स्वार्थ के लिए, व्यक्ति विशेष को ना मतदान करें त्यागें मन से डर और लालच, जात-पात-बिरादरी का चलो आज भूलें, मतदान में फायदा खुद के परिवारों का पंथ विशेष के लिए गौण ना हो, मुद्दा व

राष्ट्र मंदिर

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09 -Apr-2020 kunal bardia Patriotic Poems 0 Comments  96 Views
राष्ट्र मंदिर

भव्य बनेगा, अद्भुत होगा, होगा राष्ट्रीय अभिमान अभी बनेगा, वहीं बनेगा, होगा निरंतर गुणगान चाहे लचर हो व्यवस्था, हो चाहे लाचार भी सरकार आतंकियों का हो तंत्र, या हो सेक्युलरवाद की मार विरोधी भी कर ले षड्यंत्र, विपक्

मंथन करो अपने भीतर

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09 -Apr-2020 kunal bardia Patriotic Poems 0 Comments  96 Views
मंथन करो अपने भीतर

चाहे बना लिए हो देश अनेक, पर राष्ट्र भाव कैसे मिटाओगे चाहे ओढ़ लिए हो पराये वेश, पर संस्कृति कैसे झुठलाओगे बट गए आज सम्प्रदायों में, पर अपने पूर्वज कैसे भुलाओगे मात्र निज स्वार्थ की लड़ाई में, क्या अपनों का खून बहाओ

सपना आज फिर देखें, अखंड भारत का मिलकर

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09 -Apr-2020 kunal bardia Patriotic Poems 0 Comments  110 Views
सपना आज फिर देखें, अखंड भारत का मिलकर

चेहकती थी सोने की चिड़ियाँ, आर्यों का था नगर, सपना आज फिर देखे, अखंड भारत का मिलकर अध्यात्म के बल पर, लोग श्रेष्ठ कहलाये जहाँ पर सांप्रदायिक तनाव से परे, चलता था जीवन सफ़र मंदिर की घंटियों से गूंजता था, ग्राम नुक्कड़ घ

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