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Shahaadat

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08 -May-2015 anshu tyagi Patriotic Poems 0 Comments  1,901 Views
anshu tyagi

उन वीरो की शहादत देखो वो कैसे दुश्मनो को तोडते रहे,
और दुश्मन देश को हमारे छोडते रहे ।

हम संसदो मे बैठकर सियासी जंग छेडते रहे,
वो सरहदो पर युद्ध लडकर दम तोडते रहे ।

वर्ष मे एक बार देकर सलामी उन वीरो की शहादत को,
हम उनके बलिदान के सामने होकर खडे,
गर्व से अपने सीने को मरोडते रहे ।

वो वीर गति को गये और हम अब भी यही बैठकर,
जंग छेडते रहे और देश को तोडते रहे ।

हम सम्प्रदायिकता मे खुद को तोडते रहे,
वो बडे से बडे युद्धो को मोडते रहे
और देश के शक्ति से अपनी जोडते रहे ।

ना भुले हम उन वीरो के बलिदानो को,
जो देश के लिए जीवन को अपने छोडते रहे ।

हर दिन हर क्षण नमन है, उन्हे मेरा सलाम है,
उनकी इस शहादत को जो जीवन को अपने,
देश को समर्पित करते रहे ।



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