Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मैं कौन हूँ ?

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27 -Mar-2017 RAJ Peace Poems 0 Comments  2,070 Views
मैं कौन हूँ ?

मैं कौन हूँ ? मैं कौन हूँ मैं कौन हूँ , सब जान लो मैं कौन हूँ , क्या पंथ है , क्या रीति है, क्या धर्म है क्या नीति है साम्प्रदायिकता की भेंट , चढ़ रही ये प्रीत है क्या रूप और आकार मेरा कौन सी मैं कौम हूँ l मैं कौन हूँ, मैं कौन

Kalyug me na jane kitane

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18 -Jan-2017 अभिवृत अक्षांश Peace Poems 0 Comments  2,164 Views
Kalyug me na jane kitane

गंगा दूषित हो जाएगी, लज्जित होते भूप मिलेंगे कलयुग में ना जाने कितने, जयचंदों के रूप मिलेंगे सब मनु रोगी हो जायेंगे, सैनिक लोभी हो जायेंगे नित्य नए नव धर्म चलेंगे, साधू भोगी हो जायेंगे सागर को उपदेशित करते, जग के स

PEACEFUL SHADOWS

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12 -Sep-2016 sukarma Thareja Peace Poems 0 Comments  839 Views
PEACEFUL SHADOWS

PEACEFUL SHADOWS Sun rises, Shadows of branches, Of Kesari mango trees, Falling on wall of house . And watching branch-cactus , Magic show -sunrise , Stillness Quietly, Peacefully. Sukarma Rani Thareja Associate Professor Ch Ch College CSJM KANPUR University UP,India Email:sukarma@iitk.ac.in

Peaceful Morning

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12 -Sep-2016 sukarma Thareja Peace Poems 0 Comments  843 Views
Peaceful Morning

Peaceful Morning Stillness, With echos, Of wonderful songs, Of bird weaver- Humming , On early peaceful quiet morning, Is like collective prayers , Of different religions , In motherland, India. Sukarma Rani Thareja Associate Professor, CSJM Kanpur University, Ch Ch College. Kanpur,UP,INDIA Tel no-8853187005

संतुष्टि

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16 -Apr-2016 S. D. Tiwari Peace Poems 0 Comments  2,105 Views
संतुष्टि

खुदा की मर्जी में ही, ख़ुशी मना लेते हैं । हैं गरीब कहाँ! करीब में ठौर पा लेते हैं। बनी होंगी दीवारें उनकी संगमर्मर की मिटटी की दिवार से आंधी ठहरा लेते हैं। करते हैं धूप, बारिश से मुहब्बत बेहद कभी रुसवाईयों के लिए

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