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फूल खिले है

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31 -May-2016 shalu L. Flower Poem 0 Comments  2,285 Views
फूल खिले है

फूल खिले है

खिले है गुलशन में बहार बनकर, मानो
बुलाया हो जैसे किसीने दुआ मांगकर
खुशबू भरी की लहरे उठी हो फूलसागर में
ऐसे ही फूल खिले है हरेभरे बागों में.

चले हवा संग तो मौसम बहार जाता है
रंग मिले नज़रों को तो चहेरा नया बनता है
नहीं कोई किस्मत के कहाँ पर जा मिले। ...
हो शहनाई या फिर कबर पर गिर पड़े है

आया समां फिर बहार संग मिलने का
सावन में झूम ख़ुशी संग खिलने का
कुछ पल मिले है जीने को। ...
काटो न तोड़ो न फूल बनकर महकने दो.

सिंगर है इनकी खुशबू कलियों में उमंग है
भवरें की नजर न लगे काजल उसका रंग है
देखो आये मुस्कान खुशबु में ऐसा मिला जादू जिन्हे। .. ..
मनो रूठे हुये हो मनना आता हो इन्हें। .........



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