Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

कांग्रेस राफेल और कांग्रेस

0
13 -Feb-2019 RAM PRAKASH BAIRAD KHERAJGARH JATI BHANDU Politics Poem 0 Comments  57 Views
कांग्रेस राफेल और कांग्रेस

आज देश आंचल में अजब चर्चाओं का दौर जारी हैं, नाम को बदनाम करनें की गजब कौशिशें जारी हैं। तुमने हर काम इतनी आसानी से क्यों कर दिया महाराज, चली तुमनें एक चाल जो हमसे कर रही मतदाता नाराज। तुम अजब-गजब के इंसान हो राजनी

कुर्सी रानी / Kursi Rani

0
31 -Jan-2019 Rohit kumar Ambasta Politics Poem 0 Comments  178 Views
कुर्सी रानी / Kursi Rani

कुर्सी रानी का जमाना लगता है हर नेता इसका दीवाना लगता है पल भर में कैसे बदलते हैं पार्टी हर दुश्मन से दोस्ताना लगता है। वोट की खातिर उछाले नोट भी सबने हाथ भी जोड़े, हैं पकड़े पांव भी सबने झूठा आपस में लड़ के सब को द

मतदान: क्यो बिक जाता मतदाता

0
03 -Dec-2018 Abbas Bohari Politics Poem 0 Comments  320 Views
मतदान: क्यो बिक जाता मतदाता

पिता पर गुज़रता भारी, कन्यादान हम भारतीय यूंही कर देते, मतदान आज रवि हुआ, क्या पश्चिम से उदय बरसो बाद जो पधारे, नेताजी महोदय आ गया चुनाव, प्रहरी दे रहा दस्तक बैठे घात लगाए, कर दो देश हस्तक फ़िर वही वादे, जता रहे अपने इर

आ गये है चुनाव

0
27 -Nov-2018 Jyoti Politics Poem 0 Comments  288 Views
आ गये है चुनाव

देख कर चलो रे ! भइया आ गये है चुनाव सभी दलों ने की है राजनीति अपने को अच्छा साबित करने की मची है होड़ धर्म ,जाति ,मजहब बन गये है वोट बैंक कोई नेता देता लालच पैसों, नौकरी ,कपड़ों का कोई फेंके शब्दों का मायाजाल न फसना अब तु

राजनीती और आम आदमी

1
13 -Nov-2018 Sunil Sharma Politics Poem 0 Comments  303 Views
राजनीती और आम आदमी

राजनीती और आम आदमी राजनीती में भ्रष्टाचारियो की जमात लगी है कौन चील कौन कौआ साबित करने की होड़ लगी है | कोई धरम पर रोटी सैक रहा कोई जातिवाद की आड़ ले रहा कोई तो किसान को भी नहीं छोड़ रहा | महंगाई का यह आलम है रुकना का नाम

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017