Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

एक अहसास

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12 -Feb-2021 Sharma Politics Poem 0 Comments  102 Views
एक अहसास

बीते साल के तोहफे इस साल मिले हैं ! खंगाल ली गई सब मछलियां तालाब किनारे कुछ फ़टे पुराने जाल मिले हैं! छोड़ दी उसने तलाश गुम शुदा बेटे की जब से गन्दे नाले से कुछ नर कंकाल मिले हैं! ? उठ रहा है बस्तियों से धुआं अब तक यूं का

भ्रष्टाचार

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03 -Feb-2021 bharat Politics Poem 0 Comments  28 Views
भ्रष्टाचार

चाहे जितना जोर लगा लो, कितना भी जन गण मन गा लो... कितनी भी योजना बना लो, समिति बना लो, बजट बना लो... भारत आगे नहीं बढ़ेगा जब तक छिद्र नहीं रोकेंगे... नाव डूब जानी है निश्चित यदि जल श्रोत नहीं रोकेंगे... भ्रष्टाचार जड़ों मे

राजनीति का ऐसा दौर चला है

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16 -Jan-2021 Parmanand kumar Politics Poem 0 Comments  143 Views
राजनीति का ऐसा दौर चला है

शीर्षक... ..." राजनीति का ऐसा दौर चला है"... ***********"" राजनीति का ऐसा दौर चला है , नेताओं का उमंगे जोश बढ़ा है! राजभवन में रहने वाले राजाओं से, गलियों की अब शान बढ़ा है ! *********** कदम से कदम ताल चला है, घर-घर जाकर, हाथ जोड़कर, मजदूरों क

मत पूछो

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17 -Aug-2020 Dhirendra Panchal Politics Poem 0 Comments  344 Views
मत पूछो

कितना डिजिटल दौर हुआ है मत पूछो । 2G चारा कोल हुआ है मत पूछो । कहते हैं बस चुप रह कर के देखो तुम , कैसे शाही कौर हुआ है मत पूछो । पीपल में क्यों बौर हुआ है मत पूछो । गुंडों का क्यों शोर हुआ है मत पूछो । जेलों में पकवान कहा

''मन की बात 2''

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02 -Jun-2020 jagmohan jetha Politics Poem 0 Comments  606 Views
''मन की बात 2''

श्रीमानजी, आप तो कह देते अपने मन की बात हम मध्यमवर्गीय.......... किसे सुनाये अपने जज्बात ! जब भी कोई योजना होती आबाद सिर्फ उच्च व निम्न की होती बात मध्यम को मिलती पीठ पर लात हम मध्यमवर्गीय.......... किसे सुनाये अपने जज्बात ! म

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