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Satta

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03 -Apr-2015 anshu tyagi Politics Poem 0 Comments  2,628 Views
anshu tyagi

सत्ता के लिए कितनी जंग है।
ये आये या वो आये, हमारे लिए तो स्थिति हमेशा तंग है।
सियासत के लिए एक दुसरे की गलती गिनवाये,
और देश मे नेताओ का राज चलाने के लिए सारे संग है।
लोकपाल बिल कही पास ना हो जाये,
तो महीनो तक संसद भंग है ।
तु हिन्दु मैं मुस्लिम बार - बार हमे बताए,
उनके लिए तो बस एक ही रंग है।
सत्ता हथियाने के लिए सब जंग है।
ना वो उनके संग है ना वो हमारे संग है।
सारे के सारे भदरंग है।
आपस मे गीदग- गीदग की जंग है,
हमारे लिए तो कोई बिच्छु है तो कोई मधुमक्खी छत्ते के संग है।



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