Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Shiv shankara

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24 -Jan-2022 Srishti Prayer Poem 0 Comments  45 Views
Shiv shankara

Shiv hi shankara Shiv hi omkara Shiv hi rakshak Shiv hi vinashak Jai natraja jai vishdhara Nandi hai tumhre sathi Ganga tumhre kesh se behti Bhoot pisach hai tumhre sange Baghambar wastra tumhre ange Chandra tumhre sir pr viraje Sarp ko tum gale pr bithae Roop tumhre unnish hai Kabhi veerbhadra to kabhi ashutosh Devo ke tum dev kehlae Parvati sang ardhnareshwar kehlae Jai mritunjay jai mahakaala Jai kailashpati jai sadashiva

प्रभु मिलान की आस

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13 -Sep-2020 Madhu Prayer Poem 0 Comments  582 Views
प्रभु मिलान की आस

प्रभु मिलान की आस एक खाई के इस पार हूँ मैं, और उस पार है तू। आस लगाए बैठी हूँ मैं, कब आएगा तू। तेरे दीदार की प्यासी हूँ मैं, जाने कब प्रभु मिलना होगा। कब तक करूँ इंतज़ार, पर करना होगा। ना था एहसास मुझे कि , तुझे पाना इतना

आजा तू ही बचाने इस "कोरोना" से बन फरिश्ता

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09 -May-2020 jagmohan jetha Prayer Poem 0 Comments  999 Views
आजा तू ही बचाने इस

न हवाई जहाज चल रहे ना चल रही कोई "मोटररिक्शा" हे भगवान....... ये तू कैसी ले रहा परीक्षा सरकार मांग रही जनता से "भिक्षा" की कुछ दिन घर में ही रहने की तुम लो "दीक्षा" हे भगवान....... ये तू कैसी ले रहा परीक्षा अपने ही मद में चूर थे

इक़रार

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01 -Apr-2020 Abbas Bohari Prayer Poem 0 Comments  528 Views
इक़रार

करोना से बचने के किये सारे पूर्वोपाय फ़िर भी हो गया संक्रमित बना असहाय नौन तेल लकड़ी कमाना बना बस बहाना चिड़िया चुग गई खेत अब क्या पछताना पूरे बदन में ऐसा ताप जैसे उठ रहे शोले कसमसा रहा अंग अंग लब कुछ ना बोले तड़पते फे

एक और प्रार्थना

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14 -Mar-2020 Abbas Bohari Prayer Poem 0 Comments  797 Views
एक और प्रार्थना

हक़ीर कीड़ा तो बना बस बहाना अफ़रातफ़री में यूँ घिरा ज़माना सर पर पड़ी मुसिबतों से है जाना ख़ालिक़ की हस्ती को सबने माना तेरे आगे इंसान लगे कितना बौना ढूंढ रहे ईलाज लुटाकर चांदी सोना मालिक तेरे बन्दे गाए तेरा तराना कर ले

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