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प्यार......

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08 -Feb-2019 Piyush Raj Love Poem 0 Comments  179 Views
Piyush Raj

पापा की परी माँ की दुलारी
अपने घर मे थी मैं सबकी प्यारी

पापा के कंधे पर बैठ मेले घूमना
खिलौने की जिद करके रूठना
माँ की बिंदी-चूड़ी ओर पायल पहनना
शरारत कर माँ के आँचल के पीछे छुपना
याद है मुझे माँ -पिता का वो स्नेह और प्यार

हम भाई बहनों में थी बहुत मेल
संग खेलते थे गुड्डे -गुड़ियों का खेल
हां, लड़ते थे झगड़ते थे और होता था तकरार
शब्दों में बयां नही कर सकती मैं वो अटूट प्यार

धीरे धीरे बड़ी हुई
समझने लगी ये दुनिया -संसार
अब पता चला माँ-पिता के अलावा भी होता है प्यार

दोस्त तो बहुत होते है पर एक खास होते है
दिल की धड़कन में जैसे वो एक अहसास होते है
यूं ही अपनी सारे बाते बताती नही किसी को
छुपाती नही कुछ उनसे ,कुछ ऐसे विश्वास होते है
दोस्त तो बहुत होते है पर एक बहुत खास होते है........

शादी के बाद बदल जाएंगे घर- परिवार
मिलेगा वहा अब सास-ससुर ओर पति का प्यार
ओर मैं जब बनूँगी माँ
करूंगी अपने बच्चों को प्यार...

जैसे समय के साथ बदल रहा है संसार
वैसे उम्र के हर पड़ाव पर बदलता है ये प्यार.......

©पियुष राज "'पारस'
P90/27 jan19/7:40pm



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