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रह जाती है कैद दिलों में बस यादें

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04 -Mar-2017 Dinesh Gupta Farewell Poems 0 Comments  2,931 Views
Dinesh Gupta

बीत जाते हैं पल, बन जाती है यादें
दिलों को दे जाती अनुपम सौगातें
वक्त बीत जाता है, साथ छूट जाता है
रह जाती है कैद दिलों में बस यादें

भीड़ भरे इस सफर में अक्सर लोग खो जाते हैं
तन्हाइयों में साथ निभाती है यादें

पल-पल करके ये पल बीत चले
चार पल साथ गुजारे फिर मीत चले
वो हसीं लम्हें, वो बीता हुआ पल
वो ख़ामोशी, वो हलचल
साथ गुजारा वो हर एक पल
हम कभी ना भूल पायेंगे
हम कभी ना भूल पायेंगे

बस कुछ देर में हम जुदा हो जायेंगे
भीड़ में ये चेहरे कहीं खो जायेंगे

मगर जो दिल में बस जाते हैं वो कभी दूर नहीं होते
यादों में भी ना आये इतने मजबूर नहीं होते
हम साथ नहीं होंगे, हम पास नहीं होंगे
पर यादों में हर पल तुम्हें पायेंगे
तुम्हें हम दिल की हर धड़कन में कैद कर जायेंगे
ये चेहरे तो हर साँस में याद आयेंगे
ये चेहरे तो हर साँस में याद आयेंगे

बीत जाते हैं पल, बन जाती है यादें
दिलों को दे जाती अनुपम सौगातें
वक्त बीत जाता है, साथ छूट जाता है
रह जाती है कैद दिलों में बस यादें



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