Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

वो बूंद पावस की

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29 -Jul-2022 Ankita Singh ( Ankita Lucknowist ) Raining Season Poem 0 Comments  48 Views
वो बूंद पावस की

(no subject) A Ankita's platform to me 12 JunDetails वो बूंद पावस की , घुंघरू सी बजती है । बदरी की पायल में , मीना सी सजती है ॥ वो बूंद पावस की , बेला सी लगती है । बिजुरी के केशों में , गजरे सी गुथती है ॥ वो बूंद पावस की , गेंदा सी हंसती है । मन की किवाड़ी

ग्रीष्म ऋतु ने मानी हार

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29 -Jun-2022 nil Raining Season Poem 0 Comments  73 Views
ग्रीष्म ऋतु ने मानी हार

रिमझिम पड़ी फुहार बर्षा ऋतु की आई बहार , रिमझिम पड़ी फुहार काले काले बदरा छाए,मशकों में पानी भर लाए उमड़ घुमड़ कर आसमान में ,अद्भुत करतब खूब दिखाए धरती मान की सुनी पुकार ... सर सरिता सब बाग़ बगीचे ,खेत और खलिहान समूचे दे दो

आए बादल बरसा पानी

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24 -Jun-2022 Harjeet Nishad Raining Season Poem 0 Comments  28 Views
आए बादल बरसा पानी

आए बादल बरसा पानी। हवा चली ऋतु हुई सुहानी। चारों ओर बिछी हरियाली, वर्षा ऋतु ऋतुओं की रानी। टर्र टर्र मेढक करता है। टप टप टप पानी गिरता है। रिमझिम रिमझिम बरसे सावन, जल में भीगूं जी करता है। जगह जगह छाई हरियाली। हर म

आसमाँ से बरसता है जब पानी

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06 -Jan-2022 Swami Ganganiya Raining Season Poem 0 Comments  374 Views
आसमाँ से बरसता है जब पानी

आसमाँ से बरसता है जब पानी हमे याद आती है बरसात की वो बीति कहानी हम थे और वो बरसात का पानी नन्हें पैरों से खेलती वो लहरे घर के आँगन का पानी नदियाँ नही हे हमारे गाँव की तलाब से बहकर निकलता सड़कों पर जैसे नहर का पानी हम

बरसात अभी बाक़ी है

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19 -Aug-2021 Swami Ganganiya Raining Season Poem 0 Comments  156 Views
बरसात अभी बाक़ी है

लौट आओ अब तुम बरसात अभी बाकी है बीते दिनों की कुछ बात अभी बाकी तालाब में वो पहली बरसात का पानी अभी बाकी है कागज की कस्तिया तो बह गयी कुछ अरमान अभी बाकी है लौट आओ अब तुम बरसात अभी बाक़ी है तुम भले ना आओ तुम्हारे साथ गु

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