Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

बरसात अभी बाक़ी है

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19 -Aug-2021 Swami Ganganiya Raining Season Poem 0 Comments  28 Views
बरसात अभी बाक़ी है

लौट आओ अब तुम बरसात अभी बाकी है बीते दिनों की कुछ बात अभी बाकी तालाब में वो पहली बरसात का पानी अभी बाकी है कागज की कस्तिया तो बह गयी कुछ अरमान अभी बाकी है लौट आओ अब तुम बरसात अभी बाक़ी है तुम भले ना आओ तुम्हारे साथ गु

वर्षा की मनमानी

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03 -Aug-2021 nil Raining Season Poem 0 Comments  304 Views
वर्षा की मनमानी

वर्षा की मनमानी जब वर्षा होती है तो होती है वर्षा ही सब क्रियाएं पड़ जाती ठप्पा जो जहाॅ है बहीं हो जाता है कैद किसान जोत नहीं पाता हल चल नहीं पाता राहगीर अपनी राह हंसीं की उड़ानें रद्द होती बटुक पहुंच नहीं पाते अप

बरसात की बूंदे

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17 -Jun-2021 manojkumar Raining Season Poem 0 Comments  522 Views
बरसात की बूंदे

टप- टप टपक रहे हैं बूंदे बादल से। भीग रहे हैं गोरी के रूप हरे केश। वो झूमती है मस्ती में इठलाती है। टर्र- टर्र मंडूक आवाज़ लगाए, देते कर्ण में संदेश। ओझल आंखो के नजारे, तेजी से जब आंधी आई। बरसात की बूंदे पड़े बदन पर, व

बरसात का मौसम

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03 -Jun-2021 Alok Pandey Raining Season Poem 1 Comments  449 Views
बरसात का मौसम

जब सुरज बादलों में छिप जाता है, फिर पृथ्वी को बरसात नया जीवन देने आता हैं। मिलती है हमे गर्मी की तपिश से राहत, बच्चे हो या बड़े -बूढ़े सब करते बरसात का स्वागत। बरसात की बूंदों से हो जाती धरती हरी-भरी, मैदान और उद्यान क

एहसास हुआ करता है

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19 -May-2021 सिद्धार्थ पांडेय Raining Season Poem 0 Comments  547 Views
एहसास हुआ करता है

जब बरसात भिगोती तन को ,मन में उल्लास हुआ करता है। शबनमी हो जाता है तन मन ,जब भी वो पास हुआ करता है। बरसात की बूंदे ,मौसम मध्धम और धरती की सौंधी खुशबू, है जरूरी कितना बरसात का मौसम ,ये एहसास हुआ करता है। बारिश आए ,एहसास

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