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रक्षाबंधन::चार मुक्तक

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16 -Aug-2022 nil Rakshabandhan Poem 0 Comments  105 Views
रक्षाबंधन::चार मुक्तक

रक्षाबंधन : चार मुक्तन मुक्तक

आया धागों का त्यौहार
भाई बहिना उमड़ा प्यार
हम सबके अपने परिवार
मना रहे मिलजुल त्यौहार

कौन किसे दे क्या उपहार
बतलाता है यह त्यौहार
धागों में बहिना का प्यार
भाई देता शुभ उपहार

घड़ियाँ वे होती अनमोल
पूरा हो दोनों का रोल
टूटे बिखरे जो अनुवंध
होते अटल पुनः सम्बन्ध

ऐसा है राखी त्यौहार
बदल देय सबका व्यवहार
बाटे खुशियों का उपहार
रक्षाबंधन शुचि त्यौहार
[भोपाल:११ .०८.२०२२ ]



Dedicated to
सभी बाल काव्य प्रेमियों को

Dedication Summary
समसामयिक रचना

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