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Rat chandni me

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07 -Dec-2015 yamu Dream Poems 1 Comments  1,111 Views
yamu

रात चांदनी में

रात चांदनी में,मैं अपने साथ हूँ;

हज़ोरों सितारों के बीच में,मैं अपनी हे बात हूँ /

ज़ुबां भी मेरी मुझसे कुछ गुफ्तगू करें,

मैं चुप हूँ फिर भी खुद भी खुद में अलफ़ाज़ हूँ/

बिखरे से मेरे ज़ज़्बात हैं,

कुछ बानी बिगड़ी से बात है ;

इस रात के कुछ राज़ हैं,

जो किसी खूबसूरत नग्मे के राग हैं,

आहा … क्या बेजोड़ सुरताल हैं /

हवाओं ने छेड़े सितार के तार हैं

इन नगमों में आज मैंने अपना नगमा मिलाया हैं,

सुर भी सज़े महफ़िल भी ज़मीं,

नाचें यह सितारें ,धरा ये दुल्हन बनीं,

यह है अनोखी बरात,

इसमें धरा है वधु,

वर है उसके ज़ज़्बात;

जो कभी अश्रु बन कर गले मिले,

तो कभी तन्हाई में उसकी मुस्कान। .

……..यामिनी सिंह……….



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1 More responses

  • poemocean logo
    Deepanshi (Guest)
    Commented on 15-December-2015

    very nice.

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