Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

ग़ज़ल (नहीं जो चाहते रिश्ते)

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17 -Oct-2019 Naman Relationship Poems 1 Comments  599 Views
ग़ज़ल (नहीं जो चाहते रिश्ते)

ग़ज़ल (नहीं जो चाहते रिश्ते) (1222   1222   1222   1222) नहीं जो चाहते रिश्ते अदावत और हो जाती, न होते अम्न के कायल सियासत और हो जाती, दिखाकर बुज़दिली पर तुम चुभोते पीठ में खंजर, अगर तुम बाज़ आ जाते मोहब्बत और हो जाती। घि

एक रिश्ता.....बेनाम सा

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28 -Mar-2019 Sandeep Relationship Poems 0 Comments  2,377 Views
एक रिश्ता.....बेनाम सा

एक रिश्ता, बेनाम सा, ना हासिल, ना जुदा, ना खोया, ना मिला, फ़िर भी करीब सा, मोहब्बत तो नहीं पर मोहब्बत सा, जरुरी तो नहीं पर जरूरत सा, जाने क्या है और कैसा है, एक रिश्ता, बेनाम सा....

अकेली सी जिंदगी

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10 -Feb-2019 Sunil Sharma Relationship Poems 0 Comments  638 Views
अकेली सी जिंदगी

अकेली सी जिंदगी आजकल ना जाने क्यूँ जिंदगी अकेली सी है । सब कुछ होते हुए भी चेहरे से उड़ी ख़ुशी है । आज रिश्तो में सच्चाई कम बनावट की कली सी है । सब अपने साथ है मगर रिश्तो में बड़ी दूरी है । इस दूरी को मिटा पाएंगे ये एक पह

गज़ल " मतलबी रिश्ते निभाते हैं मेरे"

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10 -Jan-2019 Rohit kumar Ambasta Relationship Poems 1 Comments  1,114 Views
गज़ल

बर्क दिल पे वो गिराते हैं मेरे हुश्न से दिल को जलाते हैं मेरे इश्क ने मशहूर इतना कर दिया लोग अब किस्से सुनाते हैं मेरे मुफलिसी का दौर जब से आ गया आँख अब अपने चुराते हैं मेरे सामने तो हँस रहे दिल खोल के खार छुप-छुपके

केसर आम

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17 -Nov-2018 Abbas Bohari Relationship Poems 0 Comments  452 Views
केसर आम

अल्लाह के रहमो करम परही है टिकी क़ायनात पत्ता भी नही हिलता बगैर मालिक की इज़ाजत कर्म करना ही है इंसा का धर्म आंधी आये चाहे चले हवा गर्म दिखाई हमारे बागबान ने भरपूर चाहत लगा दी दाव पर अपनी सेहत ओ राहत मालिक करू शुक्र

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