Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

कैसे भूलूं

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11 -Jun-2021 premjeet Relationship Poems 0 Comments  63 Views
कैसे भूलूं

कैसे भूलूं, उस चेहरे को जो मुझे देखकर 'शर्मा' ही गया ! कैसे भूलूं , उस मिलन को जो मिलने से मन 'घबरा' ही गया ! कैसे भूलूं , उन ओठों को जो धीरे से परिचय 'करा' ही गया ! कैसे भूलूं , उस बात को जो चुपके से मुझे 'बतला' ही गया ! कैसे भूल

तोहफे के रूप में

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25 -May-2021 N.K.M.[ LYRICIST ] Relationship Poems 0 Comments  223 Views
तोहफे के रूप में

SONG :- तोहफे के रूप में LYRICIST :- N.K.M.[ +916377844869 ] LYRICS :- ::::----- INTRO PART :::::---- सुबह उठ कर रब को देखूं, फिर झुककर एक ही बात कहता हूं, ये आसमां से क्या भिजवाया है... **************************** :::::::----- CHORUS PART ::::::---- तोहफे के रूप में तुमको पाकर, दिल मेरा खुशनसीब हो पाया है... **

माता- पिता के दरवाज़े

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18 -Jan-2021 Dr. Archana Tirkey Relationship Poems 1 Comments  666 Views
माता- पिता के दरवाज़े

असफलता जीवन के किसी पन्ने पर अंकित हो सपना सुनहरा कोई टूट कर बिखर जाए नैराश्य के घोर अंधेरों में न खो जाना सपने नए बुन लेने की हिम्मत रखना | गिर कर उठ जाओगे, संभल कदम बढ़ा पाओगे इस बात का हमें पूरा यक़ीन है फिर भी, अकेल

हम लिखें भी समझो जरूरी नहीं

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09 -Jan-2021 bharat Relationship Poems 1 Comments  585 Views
हम लिखें भी समझो जरूरी नहीं

हम लिखें कोई पढ़े ये तो जरूरी नहीं... पढ़ भी ले और उसे समझे जरूरी नहीं... समझ अपनी - अपनी है अपना दिमाग, जो लिखें वही समझे जरूरी नहीं... दुनिया बनाई  ही ऐसी है रब ने मेरे, दोस्त भी गर बनाओ तो बनेंगे नहीं... गर चाहो फैलाना जहा

खो दी मैं

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09 -Dec-2020 PURNIMA KUMARI Relationship Poems 0 Comments  424 Views
खो दी मैं

सितारों से सजी रात में, वो चांद की चमक। भरा आसमा सितारों से, पर सबकी नजर चांद पर। मानो सितारों का कोई वजूद नहीं। वैसे ही तुझे पाने की चाहत में। खो दी मैं अपना वजूद। माना हुनर था तुझमें बहुत, पर मुझमें भी कम नहीं। पर

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