Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

अकेली सी जिंदगी

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10 -Feb-2019 Sunil Sharma Relationship Poems 0 Comments  161 Views
अकेली सी जिंदगी

अकेली सी जिंदगी आजकल ना जाने क्यूँ जिंदगी अकेली सी है । सब कुछ होते हुए भी चेहरे से उड़ी ख़ुशी है । आज रिश्तो में सच्चाई कम बनावट की कली सी है । सब अपने साथ है मगर रिश्तो में बड़ी दूरी है । इस दूरी को मिटा पाएंगे ये एक पह

गज़ल " मतलबी रिश्ते निभाते हैं मेरे"

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10 -Jan-2019 Rohit kumar Ambasta Relationship Poems 1 Comments  295 Views
गज़ल

बर्क दिल पे वो गिराते हैं मेरे हुश्न से दिल को जलाते हैं मेरे इश्क ने मशहूर इतना कर दिया लोग अब किस्से सुनाते हैं मेरे मुफलिसी का दौर जब से आ गया आँख अब अपने चुराते हैं मेरे सामने तो हँस रहे दिल खोल के खार छुप-छुपके

केसर आम

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17 -Nov-2018 Abbas Bohari Relationship Poems 0 Comments  91 Views
केसर आम

अल्लाह के रहमो करम परही है टिकी क़ायनात पत्ता भी नही हिलता बगैर मालिक की इज़ाजत कर्म करना ही है इंसा का धर्म आंधी आये चाहे चले हवा गर्म दिखाई हमारे बागबान ने भरपूर चाहत लगा दी दाव पर अपनी सेहत ओ राहत मालिक करू शुक्र

Sangini

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26 -Oct-2018 Sunil Sharma Relationship Poems 0 Comments  189 Views
Sangini

संगिनी मेरे तपते जीवन में वर्षा की फुहार हो तुम । मेरी सुबह मेरी शाम हो तुम । जिंदगी की हर मुश्किल का इलाज हो तुम । मेरी प्यारी सी दुनिया का सूत्रधार हो तुम । मेरी जीवन की हर ख़ुशी का राज हो तुम । मेरी हर सफलता की कुं

माँ जब से मैं मायके से आयी हूँ।

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08 -May-2018 Dr. Swati Gupta Relationship Poems 0 Comments  277 Views
माँ जब से मैं मायके से आयी हूँ।

माँ जब से मैं मायके से आयी हूँ, शरीर तो यहाँ है मेरा पर मन वहीं छोड़ मैं आई हूँ। तेरे ममता की छांव में शीतलता ऐसी मिली है मुझको, चिंता की अग्नि शांत हुई,सारे दुख बिसराई हूँ। तेरे हाथ का खाना खाकर मन तृप्त हुआ मेरा, अमृ

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