Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

पत्नि हमसफ़र बन चलती है

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पत्नि हमसफ़र बन चलती है

पत्नि हमसफ़र बन चलती है पत्नि हमसफ़र बन कर चलती है सुबह से सायं तक हमेशा साथ रहती है सभी चुनौती, सभी दशाओं का सामना करती है दुख-सुख, लाभ-हानि को वह सहती है सभी ऋतु, सभी दिशाओं में साथ रहती है पत्नि हमसफ़र बन कर चलती ह

बेटी की मायका

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बेटी की मायका

बेटी की मायका बाबुल कहता बेटी से, सुन मेरी बिटिया परी की रुप में आई, मेरे घर – आँगन में छोटे – छोटे नूपुर पहन कर छन – छन चल रही मेरे आँगन में कभी है रोती कभी मुस्कुराती कभी नाराज होती, कभी शरमाती कितना अच्छा लगता था आ

कैसे भूलूं

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11 -Jun-2021 premjeet Relationship Poems 0 Comments  198 Views
कैसे भूलूं

कैसे भूलूं, उस चेहरे को जो मुझे देखकर 'शर्मा' ही गया ! कैसे भूलूं , उस मिलन को जो मिलने से मन 'घबरा' ही गया ! कैसे भूलूं , उन ओठों को जो धीरे से परिचय 'करा' ही गया ! कैसे भूलूं , उस बात को जो चुपके से मुझे 'बतला' ही गया ! कैसे भूल

तोहफे के रूप में

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25 -May-2021 N.K.M.[ LYRICIST ] Relationship Poems 0 Comments  323 Views
तोहफे के रूप में

SONG :- तोहफे के रूप में LYRICIST :- N.K.M.[ +916377844869 ] LYRICS :- ::::----- INTRO PART :::::---- सुबह उठ कर रब को देखूं, फिर झुककर एक ही बात कहता हूं, ये आसमां से क्या भिजवाया है... **************************** :::::::----- CHORUS PART ::::::---- तोहफे के रूप में तुमको पाकर, दिल मेरा खुशनसीब हो पाया है... **

माता- पिता के दरवाज़े

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18 -Jan-2021 Dr. Archana Tirkey Relationship Poems 1 Comments  965 Views
माता- पिता के दरवाज़े

असफलता जीवन के किसी पन्ने पर अंकित हो सपना सुनहरा कोई टूट कर बिखर जाए नैराश्य के घोर अंधेरों में न खो जाना सपने नए बुन लेने की हिम्मत रखना | गिर कर उठ जाओगे, संभल कदम बढ़ा पाओगे इस बात का हमें पूरा यक़ीन है फिर भी, अकेल

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