Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

कुछ रिश्ते

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05 -Mar-2022 khushi Relationship Poems 0 Comments  163 Views
कुछ रिश्ते

कुछ रिश्ते अपने, कुछ रिश्ते पराये कुछ रिश्ते अनोखे मैंने बनाए कुछ कच्चे धागों से कुछ पक्के शाखों से कुछ रिश्ते हैं यू अंधेरों में जलते चिरागों से कुछ खो दिए जिंदगी के भाग - दौड़ में कुछ पा लिए जिंदगी के इसी रस में

कुछ बातें उनके लिए

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20 -Feb-2022 Megha Raghuwanshi Relationship Poems 0 Comments  84 Views
कुछ बातें उनके लिए

कुछ बाते उनके लिए जो हमे बहुत अच्छे से जानते हैं, पर हम उन्हें नहीं जानते हमारी हर खबर रहती हैं उनको और वो इस दुनिया में है या नहीं, हमे उसकी भी खबर नहीं कुछ बातें उनके लिए जो हमे बहुत अच्छे से जानते हैं और हमे उनका क

मैं खत्म हूं ,या तू जुदा है

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24 -Jan-2022 rtripathi Relationship Poems 0 Comments  415 Views
मैं खत्म हूं ,या तू जुदा है

मैं खत्म हूं या तू जुदा है उसकी खाता या मेरा गुनाह है इल्जाम दोनों पर एक सा है बस मोहब्बत का सबब या नजरिए का गुनाह है।। उसकी यादें भी गलत हैं उसकी तरफ जा रही राहे भी गलत हैं मगर दिल उसका भी खाली है दिल मेरा भी खाली है

पत्नि हमसफ़र बन चलती है

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पत्नि हमसफ़र बन चलती है

पत्नि हमसफ़र बन चलती है पत्नि हमसफ़र बन कर चलती है सुबह से सायं तक हमेशा साथ रहती है सभी चुनौती, सभी दशाओं का सामना करती है दुख-सुख, लाभ-हानि को वह सहती है सभी ऋतु, सभी दिशाओं में साथ रहती है पत्नि हमसफ़र बन कर चलती ह

बेटी की मायका

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बेटी की मायका

बेटी की मायका बाबुल कहता बेटी से, सुन मेरी बिटिया परी की रुप में आई, मेरे घर – आँगन में छोटे – छोटे नूपुर पहन कर छन – छन चल रही मेरे आँगन में कभी है रोती कभी मुस्कुराती कभी नाराज होती, कभी शरमाती कितना अच्छा लगता था आ

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