Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

माता- पिता के दरवाज़े

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18 -Jan-2021 Dr. Archana Tirkey Relationship Poems 1 Comments  439 Views
माता- पिता के दरवाज़े

असफलता जीवन के किसी पन्ने पर अंकित हो सपना सुनहरा कोई टूट कर बिखर जाए नैराश्य के घोर अंधेरों में न खो जाना सपने नए बुन लेने की हिम्मत रखना | गिर कर उठ जाओगे, संभल कदम बढ़ा पाओगे इस बात का हमें पूरा यक़ीन है फिर भी, अकेल

हम लिखें भी समझो जरूरी नहीं

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09 -Jan-2021 bharat Relationship Poems 1 Comments  447 Views
हम लिखें भी समझो जरूरी नहीं

हम लिखें कोई पढ़े ये तो जरूरी नहीं... पढ़ भी ले और उसे समझे जरूरी नहीं... समझ अपनी - अपनी है अपना दिमाग, जो लिखें वही समझे जरूरी नहीं... दुनिया बनाई  ही ऐसी है रब ने मेरे, दोस्त भी गर बनाओ तो बनेंगे नहीं... गर चाहो फैलाना जहा

खो दी मैं

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09 -Dec-2020 PURNIMA KUMARI Relationship Poems 0 Comments  347 Views
खो दी मैं

सितारों से सजी रात में, वो चांद की चमक। भरा आसमा सितारों से, पर सबकी नजर चांद पर। मानो सितारों का कोई वजूद नहीं। वैसे ही तुझे पाने की चाहत में। खो दी मैं अपना वजूद। माना हुनर था तुझमें बहुत, पर मुझमें भी कम नहीं। पर

अल्ज़ाइमर से संघर्षरत मेरे बाबा

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02 -Dec-2020 Dr. Archana Tirkey Relationship Poems 5 Comments  1,057 Views
अल्ज़ाइमर से संघर्षरत मेरे बाबा

अल्ज़ाइमर से संघर्षरत मेरे बाबा एक - दूसरे का हाथ थामकर हम इन अंधेरों को चीर चल पड़ेंगे | यादों के दरवाजे हैं कुछ अधखुले से धूमिल मोटे परदों से ढके हुए आपकी पहचान कोई पूछ ले अगर विचारों के अंतर्द्वंद से विचलित न होना

ग़ज़ल (नहीं जो चाहते रिश्ते)

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17 -Oct-2019 Naman Relationship Poems 1 Comments  729 Views
ग़ज़ल (नहीं जो चाहते रिश्ते)

ग़ज़ल (नहीं जो चाहते रिश्ते) (1222   1222   1222   1222) नहीं जो चाहते रिश्ते अदावत और हो जाती, न होते अम्न के कायल सियासत और हो जाती, दिखाकर बुज़दिली पर तुम चुभोते पीठ में खंजर, अगर तुम बाज़ आ जाते मोहब्बत और हो जाती। घि

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