Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Sangini

1
26 -Oct-2018 Sunil Sharma Relationship Poems 0 Comments  595 Views
Sangini

संगिनी मेरे तपते जीवन में वर्षा की फुहार हो तुम । मेरी सुबह मेरी शाम हो तुम । जिंदगी की हर मुश्किल का इलाज हो तुम । मेरी प्यारी सी दुनिया का सूत्रधार हो तुम । मेरी जीवन की हर ख़ुशी का राज हो तुम । मेरी हर सफलता की कुं

माँ जब से मैं मायके से आयी हूँ।

0
08 -May-2018 Dr. Swati Gupta Relationship Poems 0 Comments  685 Views
माँ जब से मैं मायके से आयी हूँ।

माँ जब से मैं मायके से आयी हूँ, शरीर तो यहाँ है मेरा पर मन वहीं छोड़ मैं आई हूँ। तेरे ममता की छांव में शीतलता ऐसी मिली है मुझको, चिंता की अग्नि शांत हुई,सारे दुख बिसराई हूँ। तेरे हाथ का खाना खाकर मन तृप्त हुआ मेरा, अमृ

डोर / dor

0
20 -Mar-2018 Akshunya Relationship Poems 0 Comments  491 Views
डोर / dor

यह डोर है प्रेम की या बंधन जीवन का, हूँ मैं तुमसे बंधी, या यह बंधन है मजबूरी का, क्यों यह बंधन केवल मुझे लुभाता है, क्या कोई डोर तुम्हें, मेरी ओर नहीं खींच पाता है? मैं विस्मित सी सोचती रहती हूँ, क्या तेरा मेरा केवल यह

रिश्तों को निभाने के अब हालात बदले हैं

0
06 -Mar-2018 Madan Saxena Relationship Poems 0 Comments  411 Views
रिश्तों को निभाने के अब हालात बदले हैं

दीवारें ही दीवारें नहीं दीखते अब घर यारों बड़े शहरों के हालात कैसे आज बदले है. उलझन आज दिल में है कैसी आज मुश्किल है समय बदला, जगह बदली क्यों रिश्तें आज बदले हैं जिसे देखो बही क्यों आज मायूसी में रहता है दुश्मन दोस्

Bichdan2(safar)

0
25 -Feb-2018 Shayar Bhai HS Relationship Poems 0 Comments  485 Views
Bichdan2(safar)

Safar ke is akele tanahapan mein Teri yad sata rahi hai... Kuch sochun ya na sochun Tu mujhe yaad aa rahi hai.... Yad han na tujhe wo pal Jiswakt tu gai thi mujhe chod... Aaj usi jagah hun mai bhi khada Par nahi paa raha tujhe chod... Pata nai esi kya baat thi ki Mai tujhe aaj tak na bhula paya .... Tanhapan me jeta raha Par tanha pan ne mujhe na khaya.... Khar ab to yah meri aadat ho gai hai Tu meri jarurat ban gai hai... Na chahte hue bhi tu Ab jindgi ki sargam ban gai hai... Khair ye baten to bahut hui... Asan nahi ki tu mujhe bhul gai To be

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017