Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

आइए मिलकर अपना गणतंत्र दिवस मनाते हैं ।

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09 -Apr-2022 Ankit Mishra Republic Day Poems 0 Comments  42 Views
आइए मिलकर अपना गणतंत्र दिवस मनाते हैं ।

26 जनवरी 1950, वो दिन जो बेहद महान है।. जिस देश की आजादी के लिए करोड़ो सेनानियों के योगदान है। आज कर याद उन्हीं सेनानियों को हम गीत खशी के गाते हैं । कि अपने घरों को आज सुंदर फूलों से सजाते है । भारत की आन बान शान, भव्य तिर

आन बान और शान तिरंगा

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22 -Jan-2022 Mamta Rani Republic Day Poems 0 Comments  203 Views
आन बान और शान तिरंगा

आन बान और शान तिरंगा भारतवासियों की पहचान तिरंगा तिरंगे में बसता सबका अभिमान हिंदुस्तानियों का सम्मान तिरंगा वस्त्र नहीं ये सिर्फ तीन रंगों का इसमें वीरों का बलिदान समाया आजादी के लिए लड़ी गयी लड़ाई गुलामी से इ

मुझे फक्र है मेरे देश में

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18 -Jan-2022 PURNIMA KUMARI Republic Day Poems 0 Comments  367 Views
मुझे फक्र है मेरे देश में

जब बात आई मेरे देश की, मेरी कलम भी इतराने लगी, उन पन्नों से भी ज्यादा, सब देशों से भी निराली है, मेरे देश की हर वो बात, जिसे सुनकर दिल कहता है, मुझे फक्र है मेरे देश में। उन माताओं को मेरा प्रणाम, जिस ने उन वीरों को जन्म

गणतंत्र और किसान आंदोलन

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26 -Jan-2021 Parmanand kumar Republic Day Poems 0 Comments  1,145 Views
गणतंत्र और किसान आंदोलन

गणतंत्र और किसान आंदोलन ***********************BY PARMANAND KUMAR 26.JAN, 2021 देश की आन- बान और शान पर ग्रहण क्यों है लग रहा ? लाल किले की प्राचीर पर चढ़कर, तिरंगे का क्यों अपमान किया ? हाय रे अभागा!भारत माँ ने पाला तुमको... इसलिए तूने भारत माँ का ही च

दुआ है अब इस देश की सूरत सवर जाए...

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26 -Jan-2021 HARIOM AGRAWAL Republic Day Poems 0 Comments  657 Views
दुआ है अब इस देश की सूरत सवर जाए...

72 साल पहले घड़ा जो संविधान था, भारत के सर का ताज वह भारत का ईमान था, लाख गुनहगार छूट जाएं कोई बात नहीं, एक बेगुनाह सजा ना पाए यह जिसका फरमान था, आज उसी संविधान की धज्जियां उड़ते देखता हूं, भारत के कानून को भारत में टूट

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