Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

गणतंत्र और किसान आंदोलन

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26 -Jan-2021 Parmanand kumar Republic Day Poems 0 Comments  268 Views
गणतंत्र और किसान आंदोलन

गणतंत्र और किसान आंदोलन ***********************BY PARMANAND KUMAR 26.JAN, 2021 देश की आन- बान और शान पर ग्रहण क्यों है लग रहा ? लाल किले की प्राचीर पर चढ़कर, तिरंगे का क्यों अपमान किया ? हाय रे अभागा!भारत माँ ने पाला तुमको... इसलिए तूने भारत माँ का ही च

दुआ है अब इस देश की सूरत सवर जाए...

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26 -Jan-2021 HARIOM AGRAWAL Republic Day Poems 0 Comments  210 Views
दुआ है अब इस देश की सूरत सवर जाए...

72 साल पहले घड़ा जो संविधान था, भारत के सर का ताज वह भारत का ईमान था, लाख गुनहगार छूट जाएं कोई बात नहीं, एक बेगुनाह सजा ना पाए यह जिसका फरमान था, आज उसी संविधान की धज्जियां उड़ते देखता हूं, भारत के कानून को भारत में टूट

कसम वतन का

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25 -Jan-2021 Himanshu Giri Republic Day Poems 0 Comments  44 Views
कसम वतन का

जयहिंद जयहिंद जय माँ भारती , दे कसम वतन का है माँ पुकारती . है धन्य वो जवान जवानी जो कर दे निशार चढ़ रणकी वेदी अरिपर करता रहे वार माँ उस वीर को है पल पल दुलारती दे कसम वतन का है माँ पुकारती .... हो शहीद अमर बने कण-कण में अच

अमर वो उनकी बलीदानी याद रहे......।

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26 -Jan-2019 Saroj Republic Day Poems 0 Comments  3,422 Views
अमर वो उनकी बलीदानी याद रहे......।

अमर वो उनकी बलीदानी याद रहे......। अमर वो उनकी बलीदानी याद रहे......। सालो से सालो तक न हो बात पुरानी, आजाद हीन्द का तीरन्गा रहे हमेशा उच्चा । खुशनसीब है हम जो ये तेरे जन्म हम लीये , यहा की मीट्टी की खुशबु, यहा की हवाये का अ

विजय पर्व गणतंत्र दिवस है

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24 -Jan-2019 Suresh Chandra Sarwahara Republic Day Poems 0 Comments  3,398 Views
विजय पर्व गणतंत्र दिवस है

विजय पर्व गणतंत्र दिवस है नव भारत की नव पहचान, कोटि कोटि जनता ने पाया अपना निर्मित नया विधान। हुए सभी हम भारतवासी अपनी किस्मत के निर्माता, अंग्रेजी काले नियमों से मुक्त हो गई भारतमाता। बिना भेद के पाई सबने एक अनो

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