Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Chitramayi Hindustan

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23 -Jan-2015 Dushyant Patel Republic Day Poems 0 Comments  4,024 Views
Chitramayi Hindustan

गांव की हरियाली मनमोहित
बिखरी छटा सूरज की धुप
कोयल कु आम के बगीचे
स्वर्ग यहाँ जमी की रूप

बागो में भौरों की गुंजन
सरसो के खेतो में तितली
मधु-माह हवा की रूमानी
जमी चुमती पेड़ की डाली

कल – कल बहती हुई नदी
है कुदरत की रूप निराली
रंग बिरंग बिखरी है चारो -ओर
हरियाली की चादर मखमली

कभी होली तो कभी दीवाली
चित्रपुष्पि गुलरंग से रंगी गली
फूल तोड़ते उपवन में माली
कुसुम खुशबू बिखरती चहुँ दिशा

बन्धुरा आंसमा है नीली -नीली
ढलती शाम सूरज की लाली
बरगद,पीपल,नीम के छाँव
चिड़िया कहीं चह-चह चहकती

भारत भूमि है पवित्र , बहती है चित्रानी
चंद्रसूर्य है हर रोज नयी- नयी
जहां से परे है चित्रमयी हिंदुस्तान
इंसान की जीवन है यहाँ चिमयी

हिंदुस्तान है जहां की विश्वात्मा
कण-कण में बसे है परमात्मा
धर्म ,संस्कृति की है दुर्लभ संगम
धन्य है इंसान जो यहाँ जन्मा
है हिंदुस्तान आज भी विश्व सखा
पूजते श्रद्धा से पत्थर है चँदारूपा

@@ दुष्यंत पटेल @@



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