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Sab Aam Kuchh Nahi Khaas

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11 -Sep-2016 Rajesh Kumar Tiwari Politics Poem 0 Comments  329 Views
Rajesh Kumar Tiwari

सब आम आम कुछ नहीं खास ,
घोड़ों को मिलती नहीं घास ,
गदहे खाते हैं च्यवनप्रास ।
सब आम आम कुछ नहीं खास ............।

जो जेलों को शोभित करते ,
वे ही दिल्ली में मंत्री हैं ,
है आम मरे बेमौत यहाँ ,
उनकी रक्षा में संतरी हैं ,
सच्चाई चरती वहां घास ।
सब आम कुछ नहीं ख़ास ,
घोड़ों को मिलती नहीं घास ,
गधे खाते हैं ................।।

महिलाओं को शोषित करते ,
महिला कल्याणी मंत्री हैं ,
रक्षण में उनके खुले आम ,
भाषण देते कुछ तंत्री हैं ।
सच्चरित न फटके आस पास ।
सब आम आम कुछ नहीं ख़ास ............।।



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