Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

एक ज़िक्र नहीं कर पाए

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28 -Mar-2019 Devesh Patel Sad Poems 0 Comments  165 Views
एक ज़िक्र नहीं कर पाए

हाल ए दिल अपना बता ना पाए एक ज़िक्र मोहब्बत कर ना पाए। आखें चार तो बहुत हुई उनसे हमारी बस कुछ पल तक निगाहें रोक ना पाए।

है क्या कसूर इतना बता

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09 -Mar-2019 Satyam Devu Sad Poems 0 Comments  233 Views
है क्या कसूर इतना बता

--: है क्या कसूर इतना बता ?. :-- मैं पूछना चाहता हूं तुमसे एक सवाल, हे प्रेयसी! मेरे दिल की धड़कन को तुमने ना पहचाना, है क्या कसूर इतना बता, मैंने प्यार किया है, कोई खता नहीं. तुमने जो मुझसे कह दिया, वो तो कभी सच हुआ नहीं, उठत

खामोश तस्वीर

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24 -Feb-2019 Ravi Ranjan Goswami Sad Poems 0 Comments  146 Views
खामोश तस्वीर

कहीं बरसे बादल । कहीं बरसे नयन । बारिश से धुले मौसम । आसुओं से धुले मन । जाते हुए पल कितने खामोश हैं ! वो चुप सी तस्वीर यादों में बसी है । उस खामोश तस्वीर से मैं बातें करता हूँ । लगता है उसके होंठ हिले क्या कहा ? मैं सु

दिलो का कारवां .....बस इतना ही था....

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13 -Jan-2019 Saroj Sad Poems 0 Comments  361 Views
दिलो का कारवां .....बस इतना ही था....

दिलो का कारवां .....बस इतना ही था.... मेरे दिल का तेरे दिल से मिल जाना, नजरो की भाषा इशारो में पढ़ लेना, छुप छुप के तुझे देखा करना हर दफा, सोती रातो में हर करवटो के साथ तुझे सोचना, तुझसे मिलने को हमेशा बहाने ढूँढना, तेरी याद

A broken heart

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27 -Dec-2018 Jayaatee Ghosh Sad Poems 0 Comments  194 Views
A broken heart

In the midst of white smoke blending is a shadow of dazing flame a series of pounding heavy breadth is bit by bit melding into the gale The hands which whilomly clasped are now parting ways at the crossroads. A vacuum is deeply rooted here and now with irrevocable scars of the named vow pestering me into a dark stifling shell making me descend into a deep well. Life is now a waning moon churning into a pale cocoon coalescing solely into the cosmos unifying into the night of darkness.

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