Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

अब फिर ना आऊंगी

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21 -Sep-2021 PURNIMA KUMARI Sad Poems 0 Comments  23 Views
अब फिर ना आऊंगी

ऐतवार था बेइंतहा तुझसे मेरी इबादत में बस तू ही तू दर-ब - दर भटकती उन गलियों से बस एक दीदार को तेरे ना जाने क्यों इतनी नफरत ,कभी तो बता दे अब फिर ना आऊंगी। छोड़ दी मैं उन गलियों का रूख अब ना तमन्ना बची शायद तेरी इबादत क

Tamaasha Na Bana

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14 -Sep-2021 Rashid Sad Poems 0 Comments  19 Views
Tamaasha Na Bana

Meri Mohabbat Ka Tu Tamaasha Na Bana Deewana Hoon Mai Tera Yun Tamaasha Na Bana Haalat Dekh Kar Meri Mujhko Thukraane Wale Kal Pachhtayegi Bahut Tu Tamaasha Na Bana Ye Waada Hai Mera Tumse Bahut Door Chala Jaunga Wo Maqaam Jaha Se Fir Na Kabhi Laut Kar Aaunga Tumhe Hai Aaj Mujhse Bahut Ranjishein Magar Hogi Mohabbat Tumhe Bhi Kal Tamaasha Na Bana Tere Husn Pe Qurbaan Tumhe Hazaaron Rafeeq Milenge Ho Jaaye Jo Tujhpe Qurbaan Aise Kahaan Shafeeq Milenge Itna Guroor Na Kar Apni Shan-O-Shauqat Pe Aye Dilbar Rah Jayegi Sabhi Yahin Tu Tamaasha Na Bana

टूटे दिल की सदा

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22 -Jul-2021 Musafir Sad Poems 0 Comments  73 Views
टूटे दिल की सदा

गज़ल शेख मोईन नईम "मुसाफीर" 7776878784 ज़िन्दगी की राहों में नहीं मिले कभी ख़ुशी से तेरे बाद जारी हैं कशमकश इस ज़िन्दगी से इंसानियत को मरे सदीया गुज़र गई ज़माने में अब डर लगता हैं सरे राह मिलते हुए आदमी से टूटे ख्वाब, हसरत, इंतज़

*'जीवन का सच'*

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07 -Jul-2021 Dimpy Rat Sad Poems 0 Comments  105 Views
*'जीवन का सच'*

दिल में आज बेचैनी सी क्यों ! फिज़ाओ में ये मायूसी सी क्यों, आँखों में ये नमी सी क्यों... आज लगता हैं संसार विराना हैं, ना कोई अपना ना कोई सहारा हैं... दिल कचोट रहा हैं बार-बार, किसके लिए जियूँ ! झूठी हैं दुनिया, भ्रम में जा

मुझे इन्सान मत बनाना

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30 -Jun-2021 राकेश कुमार राठौर Sad Poems 0 Comments  194 Views
मुझे इन्सान मत बनाना

मुझे इन्सान मत बनाना एक दिन सहसा मैं रुक सा गया नजर गया एक कीड़े की ओर मैनें कीड़े से पूछा, क्यों भाई क्या हाल – चाल है? वह कीड़ा भी ठहर सा गया वह बोला यह भी क्या जिंदगी है न ठीक से जी रहें हैं, न ही मर रहे हैं मैनें उससे क

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