Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

क्या पता

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16 -May-2019 Maya Ramnath Mallah Sad Poems 1 Comments  146 Views
क्या पता

लड़की कोई समान नही,जो आज तेरे पास तो कल किसी और के पास होगी उसकी भी कोई मजबूरी रही होगी यूँ ही नही मोहब्बत में दूरी की होगी क्या पता उसने अपनी मोहब्बत को कितना छुपाया होगा तुझ से नजरे मिला कर खुद को कितना गिराया होग

रातो का अफसाना

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15 -May-2019 Maya Ramnath Mallah Sad Poems 1 Comments  207 Views
रातो का अफसाना

बेसब्र मेरी आँखो को सब्र नही आता हैं खिड़की से मेरे जो तु नजर नही आता हैं सोचा ख्वाब में देख लुंगी तुझे कमख्त तेरी यादो में नींद कहाँ आता हैं सारी रात करवटे बदल के कट जाती हैं तुम हो के तुम्हे एक हिचकी तक नही आती हैं

क्या समझेंगे

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10 -May-2019 Maya Ramnath Mallah Sad Poems 0 Comments  177 Views
क्या समझेंगे

नोटो की हवा लेने वाले धूप को क्या समझेंगे फूलो पर चलने वाले धूल को क्या समझेंगे खुद की सुरत पर मरने वाले मेरी सीरत को क्या समझेंगे जो रखती ही ना थी कदम जमीन पर वो मेरे प्यार को क्या समझेंगे

एक ज़िक्र नहीं कर पाए

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28 -Mar-2019 Devesh Patel Sad Poems 0 Comments  262 Views
एक ज़िक्र नहीं कर पाए

हाल ए दिल अपना बता ना पाए एक ज़िक्र मोहब्बत कर ना पाए। आखें चार तो बहुत हुई उनसे हमारी बस कुछ पल तक निगाहें रोक ना पाए।

है क्या कसूर इतना बता

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09 -Mar-2019 Satyam Devu Sad Poems 0 Comments  328 Views
है क्या कसूर इतना बता

--: है क्या कसूर इतना बता ?. :-- मैं पूछना चाहता हूं तुमसे एक सवाल, हे प्रेयसी! मेरे दिल की धड़कन को तुमने ना पहचाना, है क्या कसूर इतना बता, मैंने प्यार किया है, कोई खता नहीं. तुमने जो मुझसे कह दिया, वो तो कभी सच हुआ नहीं, उठत

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