Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

कर दे इतना ही एहसान तु

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28 -Sep-2019 Bijendra Aehsas Sad Poems 0 Comments  481 Views
कर दे इतना ही एहसान तु

%%#कर दे इतना ही एहसान तु#%% ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ बरसों बरसों खफा, तु बरसों बरसों जुदा। अब कर ले वदा, तु अब करना वफा। सावन के रैन रे.. सावन के रैन रे.. बरसों बरसों खफा, तु बरसों बरसों जुदा। अब कर ले वादा, तु अब करना वफा। च

दहलीज़

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दहलीज़

दहलीज...!! जाने क्यूँ..!! ज़हन में आज भी जब कभी पुरानी बातें आती हैं तो दिल को दर्द दे जाती हैं और मेरा यह बेकल मन दर्द से तड़प उठता है..!! ओहहहह..बड़ा अजीब था तेरा मेरी जिंदगी में आना या यूँ कहो आकर भी न आना तुम क्या मिले कभी खु

अब तुम खुश हो ना!!

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21 -Sep-2019 Satyam Devu Sad Poems 0 Comments  651 Views
अब तुम खुश हो ना!!

छिप - छिप कर स्टेटस देखते हो, खुदको तस्वीरों मे निहारते हो, मंद-मंद मुस्काते हो, फिर ग़ुस्सा प्रतीत मुझपर कर जाते हो, अंदर-ही-अंदर खिल-खिलाते हो। सुनो तो! अब तूम ख़ुश हो ना!! ब्लॉक ख़ुद ही करते हो, स्टेटस दिखाने को दूस

Kya smjhau kisi ko

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20 -Sep-2019 Diksha Sad Poems 1 Comments  743 Views
Kya smjhau kisi ko

Kisi ko kya samjhau main Kya hu main Jab kisi ko samjhane ki kosish ki hai Tab khud ko smjh aana bnd ho gya hai kisi ko kya samjha pau main Tab hi to smjha main jab khud ko samjh pau main Sb kehte hai hm aapko samjhte hai Pr jb bhi samjhne ki baari aayi. Tab tab sab piche hate h Kya khu kisi ko Kya samjhau Tab hi to keh pau jab khud ko smjh Pau Bahut mushkil lagne lgi hai zindgi Lagta hai bhut jyada uljhi ho Is uljhn mein aise uljhe hai Ki aaj tk Khud ko naa smjhe hai Kash koi samjh pata in sawalo ko Jwab de pata mujhe meri Baato ka Kehne ko ap

हर शख्स बदल जाता है यहां एक जमाने के बाद

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16 -Sep-2019 Suman Kumari Sad Poems 0 Comments  497 Views
हर शख्स बदल जाता है यहां एक जमाने के बाद

हर शख़्स बदल जाता है यहां एक जमाने के बाद, फिके पड़ जाते है नगमे यहां कुछ पल गुनगुनाने के बाद..!! कोई हमें बनाने आता है , तो कोई हमें मिटाने आता है.., दिल इनकार नहीं कर पाता है उन्हें अपनाने के बाद...!! कोई हंसकर गले लगाता ह

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