Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

शिफा था उसको पाना।

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03 -Mar-2022 ताज मोहम्मद Sad Poems 0 Comments  72 Views
शिफा था उसको पाना।

क्या हुआ जो उसने हमको ना पहचाना। उसे होश ही ना था जब मैंने उसको था जाना।।1।। हम दिल से बड़े खुश है इसी बात से ही। उसके काम आ गया मेरा यूं दिल का लगाना।।2।। कोई शिकायत नहीं उससे वो अंजान है। अच्छा हो गया मुझसे शिफा था

हर एक कैदी गुनहगार तो नही हो सकता

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20 -Feb-2022 Megha Raghuwanshi Sad Poems 0 Comments  65 Views
हर एक कैदी गुनहगार तो नही हो सकता

हर एक कैदी गुनहगार तो नही हो सकता आज देखा एक साथ मैंने कई कैदियों को कितने कैदी मुझे बेगुनाह, लाचार भी लगे इतने कैदियों में कई मासूम चेहरे भी दिखे कोई तो मजबूरी इनकी भी रही होगी जो इनको गुनाह करना पड़ा इस उम्र में

अनाथ का"दर्द"

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08 -Feb-2022 आलोक वैद Sad Poems 0 Comments  150 Views
अनाथ का

शीर्षक अनाथ का "दर्द" अनाथ और बेसहारा उस मासूम का दर्द जो सड़क किनारे फुटपाथ पर जीवन जी रहा है खाना मांगू तो सबको,चोर नजर आता हूं। पैसे मांगू तो हरमखोर,नजर आता हु मांगू तो क्या मांगू, इस दुनिया से साहब। यहां तो हर कि

परिन्दें जो उड़कर गए है।

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27 -Jan-2022 ताज मोहम्मद Sad Poems 0 Comments  138 Views
परिन्दें जो उड़कर गए है।

लौटकर आएंगे वह परिन्दें जो उड़कर गए है। बैठते कहाँ शजरो पे यूँ पत्ते भी ना रह गए है।।1।। सोचा कुछ दूर जाने पे वह पलट कर देखेगा। बेहिस वो ना पलटा है हम देखते ही रह गए हैं।।2।। महफ़िल में बुलाया था हमको ना पता था यह। वो ह

दिल तड़प के रो रहा है।

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27 -Jan-2022 ताज मोहम्मद Sad Poems 0 Comments  104 Views
दिल तड़प के रो रहा है।

दिल तड़प कर रो रहा है। अब कोई अरमां ना हो रहा है।।1।। परिन्दें सारे यहाँ से उड़ गए है। यादों में बस बागों के निशां रह गए है।।2।। सारी दुनिया पर वैसे तो हुकूमत चल रही है। पर कभी कभी तुम्हारी कमी भी खल रही है।।3।। तितली ब

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