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Dil Ki Berukhi

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22 -Aug-2013 Chandan Rathore Sad Poems 2 Comments  2,769 Views
Chandan Rathore

दिल की जुबान कोई समझा नहीं
दिल से दिल किसी ने लगाया नहीं

हर बार धोखा खाते हैं हम दिल से
हर मौड़ पे दिल साथ देता नहीं

हर राह मिलाता हर जगह दिल लगाता
ऐ दिल संभल अब तो तू नहीं तो मैं नहीं

दिलों के मेहखानों में हमदर्द कम हैं
हर दर्द की आँखे भी देखों नम हैं

हर काफिलें तुझसे हैं चलते
तुझ पे ख़त्म होने को
सब दिल से बेगर हैं हो जाते, जो दिल को समझते नहीं


आपका शुभचिंतक
लेखक - चन्दन राठौड़ (#Rathoreorg20)

01:25am, Fri 28-06-2013

_▂▃▅▇█▓▒░ Chandan Rathore (Official) ░▒▓█▇▅▃▂_

Dil Ki Berukhi


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2 More responses

  • Pooja Rawat
    Pooja Rawat (Registered Member)
    Commented on 06-September-2013

    wao nice.

  • Pooja Rawat
    Pooja Rawat (Registered Member)
    Commented on 06-September-2013

    superb lines charlie.

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