Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Tum hi to thi

0
23 -Mar-2014 Chandan Rathore Sad Poems 0 Comments  1,111 Views
Chandan Rathore

तुम ही तो थी

---------------

इस कदम पे तुम थी
उस कदम पे भी तुम थी
रात कि चांदनी में दिखी एक परछाई
उसमे भी तुम थी

सपने में जो धुंधली सी तस्वीर थी
वो भी तुम थी
भीड़ में जो एक रोशनी सी जो चमक रही
वो भी तुम थी

घर में पुरानी तस्वीर को जब देखा घोर से तो
उस मे भी तुम थी
दुनिया के दुःखो को सहना सिखा तो
उन दुःखो में भी तुम थी

पैदल चलते हुए जब लगे पैरो में कांटे
उन काँटों को बिछाने वाली भी तुम थी
उजाले में भी एक अँधेरा था
उस अँधेरे का कारण भी तुम थी

मुझे बनाने में भी तुम थी
तो मुझे रुलाने में भी तुम थी
इस्क के इरादे में भी तुम थी
प्यार में दरारे भी तुम थी

मेरी हंसी भी तुम थी
तो मेरे आंसू भी तुम थी
छोड़ कर चली जाती तुम फिर भी
मेरी यादों में बस तुम थी

ऐ ! मेरी जिंदगी मेरी जिंदगी भी तुम थी
तो मेरी मौत भी तुम ही तो थी

आपका शुभचिंतक

लेखक - चन्दन राठौड़ (#Rathoreorg20)

(Facebook,PoemOcean,Google+,Twitter,Udaipur Talents, Jagran Junction , You tube , Sound Cloud )

09:20am, Wed 13-11-2013

_▂▃▅▇█▓▒░ Don't Cry Feel More . . It's Only RATHORE . . . ░▒▓█▇▅▃▂_

Tum hi to thi


 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017