सफ़र

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15 -Feb-2017 अर्जित छोटू जैन Sad Poems 0 Comments  423 Views
अर्जित छोटू जैन

दिल से दिल तक उतर जाने का शुक्रिया
जाहिल को जीवन जीना सिखाने का शुक्रिया
बेरंग थी जिंदगी मेरी तुमसे मिलने से पहले
मुझे मुझसे रूबरू करवाने काशुक्रिया


जिंदगी में हँसी लाने का शुक्रिया
अकल्मन्द को मोहब्बत सिखाने का शुक्रिया
ऐसा सुना था की बातें नही आती मुझे
ऐसा था तो मुझे बातों से वाकिफ कराने का शुक्रिया

मिलकर बिछड़ जाने का शुक्रिया
मोहब्बत की जगह दर्द से नवाजने का शुक्रिया
दिन भर तड़पता हूँ मैं दर्द से
मुझे मीठा जहर हौले हौले पिलाने का शुक्रिया


दाद पे दाद दिए जाने का शुक्रिया
मेरे दर्द को कागज पे उतरवाने का शुक्रिया
तुम्हे खोने के बाद हुई अल्फ़ाज़ों से दोस्ती
'अर्जित' 'सफ़र' को महफ़िल तक ले जाने का शुक्रिया




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