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समय रुका न

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05 -Sep-2021 rtripathi Motivational Poems 0 Comments  179 Views
rtripathi

समय रुका न

समय रुका न मेरे लिए न तेरे लिए
फिर क्यू ठहरा है उसके लिए
चल बढ़ जा तू देख सही
मंज़र इससे कुछ कम नये नहीं---

नदियाँ ठहरे यह चरित्र नहीं
मिलता निर्मल जल उसकी निरन्तरता में ही
चल बढ़ जा तू देख सही
मंज़र इससे कछु कम नये नहीं---

उदासी हो निराशा हो,
हाँ!उसके साथ की आशा हो
ऐसे संकल्प को साध न तू
फोच जरा कुछ परिवर्तन हो
कुछ नये मिले से रूप खिले
ऐसे परिवर्तन का साध में रह
चल बढ़ जा तू देख सही
मंज़र इससे कछु कम नये नहीं----

मिट्टी से बना हुआ मिट्टी में मिल जाना है
है समय नहीं
अब वाश्राम नहीं
विराम नहीं
संग्राम छोड़ तू भाग नहीं
चल बढ़ जा तू देख सही
मंज़र इससे कुछ कम नये नहीं।।



Dedicated to
rtsln101@gmail.com

Dedication Summary
समय की महत्ता को समझाने के लिए

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