Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

सन 90 का बचपन

1
10 -Feb-2020 Ankita Singh Childhood Poems 0 Comments  637 Views
Ankita Singh

घर की मुंडेर पर ,
पंछी सा चहचहता था बचपन I

आंगन की दहलीज पर,
घुटनो के बल लोट जाता था बचपन I

तुतली जुबां से ,
मिट्टी के लड्डू चख जाता था बचपन I

कागज की नाव में,
ख्वाबो को पार लगाता था बचपन I

आम की डाल पर,
मर्कट सी छलांग लगाता था बचपन I

गुड़िया के लिये ,
मेले में मचल जाता था बचपन I

रफ पन्नों से,
पतंग उड़ाता था बचपन I

लस्ट बेंच पर बैठ ,
क्लास के बीच टिफिन खाता था बचपन I

बस्ते के बोझ से,
बड़े होने की आस सजाता था बचपन I

फागुन के अंक में ,
सतरंगी रंग भर जाता था बचपन I

चैत्र के चौबारे पर ,
गेंहू की पुआल सा खिलखिलाता था बचपन I

टेकनोलजी की आड़ में ,
खुद को नहीं लुटाता था बचपन I

कैरम की गोटी से ,
रानी को जीत लाता था बचपन I

पबजी तो नहीं जानता पर ,
गिट्टी फोड़ में खुश हो जाता था बचपन I

कुछ ऐसा था खुशियों में लिपटा,

सन 90 का बचपन I

© अंकिता सिंह
लखनऊ , उत्तर प्रदेश

Email - anks26.as@gmail.com



Dedicated to
My childhood days

Dedication Summary
Everyone who spend childhood during 90s

 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017