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Sansad Aur Tankhwaah

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14 -Feb-2016 Rajesh Kumar Tiwari Politics Poem 0 Comments  1,114 Views
Rajesh Kumar Tiwari

बाप का माल है देश को लूट लो ,
खूब लूटो खसोटो तुरत फूट लो ।
बाप का माल है देश को लूट लो ,
क्या पता कल ये मौका मिले ना मिले ,
सारे मेवे चखो टैक्स में छूट लो ,
बाप का माल है देश को लूट लो ………………।।

चौगुनी ही क्यों ,चालीस गुनी क्यों नहीं ,
बस दो बूँद! पूरा पानी क्यों नहीं ,
थपथपा करके मेजें करो पास तुम ,
जितनी ज्यादा मिले उतनी खुद छूट लो ,
बाप का माल है देश को लूट लो ……………..।।

सैकड़ों गाड़ियों का प्रदूषण रहे ,
और आगे आगे खरदूषण रहे ,
जो ख़िलाफ़त करे जिस समय जिस जगह ,
पकड़ के उसे बस वहीं कूट लो ,
बाप का माल है देश को लूट लो ।
खूब लूटो खसोटो तुरत फूट लो ,
बाप का माल है देश को लूट लो ………….।।



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