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Save tree

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03 -Sep-2019 Suman Kumari Save Trees Poems 0 Comments  151 Views
Save tree

देखो वृक्षों की यह मार्मिक दशा
जी अब मेरा घबराता है
वृक्षों बिना नहीं है अस्तित्व कोई,
क्यों मानव समझ न पाता है...?
जिसने दिया हमको सहारा,
उसको ही बेसहारा छोड़ जाता है...!
वृक्ष ही जीवन का आधार है ,
इसे है मानव काटने को तैयार है..!
चाहे धूप हो या भारी वर्षा,
हरदम वृक्षों ने साथ निभाया है..!
है कुदरत की मूल्यवान धरोहर
जिसे मानव समझ ना पाया है..!
अब भी है नहीं कुछ बिगड़ा
वृक्ष देवो का निवास
सच्चे मन से करो सम्मान...!
यदि एक काटेंगे तो सौ लगाएंगे
ऐसा हो हम सबका विचार,
जो काट रहे हैं वृक्षों को बनाना है उनको समझदार...!!


सुमन कुमारी...✍️
भभुआ, बिहार



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