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हरियाणा की छोरी (कल्पना चावला )

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03 -Feb-2018 DINESH CHANDRA SHARMA Science Poems 1 Comments  2,118 Views
हरियाणा की छोरी (कल्पना चावला )

हरियाणा की छोरी थी वो, जन्मी थी करनाल में | अन्तरिक्ष वैज्ञनिक बनना था उसको , हर हाल में || बचपन से ही आसमान की और , निहारा करती थी | क्या कैसे होता है नभ में, रोज बिचारा करती थी | प्रातः काल किरणों के रथ पर , सूरज दादा आते

ये विस्मय ब्रह्मांड

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20 -May-2017 Neha Sonali Agrawal Science Poems 0 Comments  485 Views
ये विस्मय ब्रह्मांड




योग सुधा -सूर्य योग का भी उगा

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25 -Mar-2017 DINESH CHANDRA SHARMA Science Poems 0 Comments  556 Views
योग सुधा -सूर्य योग का भी उगा

योग सुधा- सूर्य योग का भी उगा ++++++++++++++++ गूंजी जब वैदिक ऋचा , जगती में चहुँ ओर | सूर्य योग का भी उगा , हुई रुपहली भोर || ऋषियों ने अनुभव किया, सीमायें इस छोर | हैं अनंत संभावना , जीवन में उस ओर || वैदिक गोमुख से हुआ ,गंगा सम संजोग

विविधामयी प्रकृति

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24 -Feb-2017 DINESH CHANDRA SHARMA Science Poems 0 Comments  1,095 Views
विविधामयी प्रकृति

विज्ञानं कविता – विविधामयी प्रकृति विविध रहस्यों वाली प्रकृति ,गोद में अभिनव अचरज होते | सब कुछ अजब गजब लगता है ,गर तुम इसको जाओ पढ़ते || छोटे छोटे पौधों का भी, एक अद्भुत संसार है | और बड़े पेड़ों की भी तो, लीला अपरम्प

इसरो ने परचम लहराया

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17 -Feb-2017 DINESH CHANDRA SHARMA Science Poems 0 Comments  1,496 Views
इसरो ने परचम लहराया

इसरो ने परचम लहराया | +++++++++++++ बैलों की गाड़ी से चलकर ,शत नैनो उपग्रह तक आया | देख रही हैरत से दुनिया , इसरो ने परचम लहराया || बैलों की गाड़ी पर लादा , साइकिल पर रखकर पहुचाया | नारियल के पेड़ों को अपना , अद्भुत लॉन्चिंग पैड ब

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