Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

हरियाणा की छोरी (कल्पना चावला )

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03 -Feb-2018 DINESH CHANDRA SHARMA Science Poems 1 Comments  3,927 Views
हरियाणा की छोरी (कल्पना चावला )

हरियाणा की छोरी थी वो, जन्मी थी करनाल में | अन्तरिक्ष वैज्ञनिक बनना था उसको , हर हाल में || बचपन से ही आसमान की और , निहारा करती थी | क्या कैसे होता है नभ में, रोज बिचारा करती थी | प्रातः काल किरणों के रथ पर , सूरज दादा आते

ये विस्मय ब्रह्मांड

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20 -May-2017 Neha Sonali Agrawal Science Poems 0 Comments  654 Views
ये विस्मय ब्रह्मांड

सर्वव्यापी, विस्तृत, असीम है ये ब्रह्मांड, सूक्ष्म सा है इसकी तुलना में धरती का आकार, यूँ तो अनंत तारों को देता है ये प्राण, पर पृथ्वी को दिया इसने जीवन का आधार, इस भुवन के स्त्रोत का नहीं है कोई प्रमाण, पर इस वसुधा क

योग सुधा -सूर्य योग का भी उगा

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25 -Mar-2017 DINESH CHANDRA SHARMA Science Poems 0 Comments  719 Views
योग सुधा -सूर्य योग का भी उगा

योग सुधा- सूर्य योग का भी उगा ++++++++++++++++ गूंजी जब वैदिक ऋचा , जगती में चहुँ ओर | सूर्य योग का भी उगा , हुई रुपहली भोर || ऋषियों ने अनुभव किया, सीमायें इस छोर | हैं अनंत संभावना , जीवन में उस ओर || वैदिक गोमुख से हुआ ,गंगा सम संजोग

विविधामयी प्रकृति

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24 -Feb-2017 DINESH CHANDRA SHARMA Science Poems 0 Comments  1,313 Views
विविधामयी प्रकृति

विज्ञानं कविता – विविधामयी प्रकृति विविध रहस्यों वाली प्रकृति ,गोद में अभिनव अचरज होते | सब कुछ अजब गजब लगता है ,गर तुम इसको जाओ पढ़ते || छोटे छोटे पौधों का भी, एक अद्भुत संसार है | और बड़े पेड़ों की भी तो, लीला अपरम्प

इसरो ने परचम लहराया

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17 -Feb-2017 DINESH CHANDRA SHARMA Science Poems 0 Comments  2,097 Views
इसरो ने परचम लहराया

इसरो ने परचम लहराया | +++++++++++++ बैलों की गाड़ी से चलकर ,शत नैनो उपग्रह तक आया | देख रही हैरत से दुनिया , इसरो ने परचम लहराया || बैलों की गाड़ी पर लादा , साइकिल पर रखकर पहुचाया | नारियल के पेड़ों को अपना , अद्भुत लॉन्चिंग पैड ब

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