Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Manav Aur Vigyan

0

Manav aur Vigyan : This is one of the best and informative hindi poem for National Science Day which is celebrated on 28 February. This poem describe the role of science in human evolution. Life of early man was very difficult. He was physically very weak as compared to other animals on earth. But as the brain of human developed he made his life comfortable and safe by using scientific inventions.

29 -Mar-2015 Dr. Parshuram Shukla Science Poems 0 Comments  9,960 Views
Dr. Parshuram Shukla

साल हजारों पहले मानव,
इस धरती पर आया।
बच्चो! जीवजगत में होमो,
सीपियन्स कहलाया।।

हाथी, गैंडा, भालू जैसे,
जीव अनेक विचरते।
लेकिन बुद्धिमान मानव से,
प्रायः सारे डरते।।

प्रकृति धनी थी, भोजन भी था,
मानव सबका राजा।
खाता कभी मार जीवों को,
और कभी फल खाता।।

धीरे - धीरे इस मानव के,
बात समझ में आयी।
जीव पालने में अपनी ही,
उसको लगी भलाई।

गाय, बकरियाँ, भेड़ आदि को,
मानव खूब चराता।
चारागाह मिलें यदि अच्छे,
तो कुछ दिन रुक जाता।।

देख उर्वरा शक्ति भूमि की,
नये विचार बनाए।
जंगल जला-जला कर उसने,
अपने खेत सजाए।।

ईश्वर से डरनेवाला अब,
बना तर्क का ज्ञाता।
कर विवाह घर-द्वार बसा कर,
जोड़ा सबसे नाता।।

बुद्धि और कौशल से उसने,
ज्ञान विवेक बढ़ाया।
और नया विज्ञान रचा कर,
चमत्कार दिखलाया।।

मोटर, रेल, जहाज, रेडियो,
टीवी, सेल, कम्प्यूटर।
चैड़ी सड़के चम-चम करतीं,
बादल से ऊँचे घर।।

इनके साथ बनाया उसने,
अणुबम बड़ा निराला।
मानव बन कर मानवता का,
सर्वनाश कर डाला।।



Dedicated to
National Science Day 28 February

Dedication Summary
National Science Day 28 February

 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017