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शादी का रिश्ता

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11 -Aug-2016 Dr. Swati Gupta Marriage Anniversary Poems 0 Comments  4,287 Views
Dr. Swati Gupta

शादी का रिश्ता होता है अनमोल,
चाहें कितने भी हों इसमें झोल,
किटकिट झिकझिक नोंक और झोंक,
लड़ाई झगड़ा फिर शादी करने का शोक,
फिर भी इस रिश्ते से जुड़ने का होता है सबको शौक,
शादी का रिश्ता होता है अनमोल,
चाहें कितने भी हों इसमें झोल।
कही डोर मियां के हाथों में,
कही बीवी के हाथों में डोर,
गाड़ी के दो पहिये जैसे,
बढ़ा रहे जिंदगी की रेल,
शादी का रिश्ता होता है अनमोल,
चाहें कितने भी हो इसमें झोल।
एक सिक्के के दो हैं पहलू,
एक के बिना नहीं दूजे की वैल्यू,
दोनों मिलकर सुलझा रहे हैं,
जिंदगी की हर मुश्किल पहेली,
शादी का रिश्ता होता है अनमोल,
चाहें कितने भी हो इसमें झोल।।
By:Dr Swati Gupta



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