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शरदोत्सव

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17 -Oct-2016 satyadeo vishwakarma Winter Season Poem 0 Comments  1,370 Views
satyadeo vishwakarma

शरदोत्सव
जिंदगी की जंग हार मेघ की फुहार यार ,
गई परदेश घर बार को सजाइए ,
कूकी रही कोयल कमल मन मोही रहे ,
पपीहे की धुन तन मन में बसाइए ,
शांति प्रेम पुष्प मकरंद अंग अंग लगे ,
ज्ञान ज्योति आज घर घर में जलाइए ,
व्यर्थ ना शहीदों की शहादत हो हिंदवासी ,
एक साथ वन्देमातरम गीत गायिये ,
आन बान शान माटी ही है भगवान सम ,
आज आसमान में तिरंगा फहराइए ।



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