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Shikshak / शिक्षक

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29 -Aug-2018 Anju Goyal Teacher Day Poem 0 Comments  712 Views
Anju Goyal

कोरे कागज को पुस्तक बनाता है शिक्षक,
नन्हे पौधे को ज्ञान से सींचता है शिक्षक।

न खून के रिश्ते से बंधा होता है शिक्षक,
फिर भी अहम किरदार निभाता है शिक्षक।

जीवन को नये आयाम दिखाता है शिक्षक,
बालकों का सखा बन दुख हरता है शिक्षक।

अज्ञान के अँधेरे में दीप जलाता है शिक्षक,
खेल खेल में सदाचार पढाता है शिक्षक ।

हौसला देकर पथ में आगे बढाता है शिक्षक
कभी माँ बन नई नई सीख देता है शिक्षक।

जिज्ञासा की लहरों को शांत करता है शिक्षक
छिपी प्रतिभा को चार चाँद लगाता है शिक्षक ।

विद्यालय में खुशबू बन महकता है शिक्षक
मंजिल की राह को आसान बनाता है शिक्षक।

बाल मन पर संस्कारों की छाप छोड़ता है शिक्षक
पतझड़ में भी सीख की बारिश करता है शिक्षक।



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