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शिक्षक

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05 -Sep-2016 Dr. Swati Gupta Teacher Day Poem 0 Comments  1,464 Views
Dr. Swati Gupta

बच्चा होता है बीज बिखरा हुआ सा,
पनपता है मातपिता की छाया में,
बनता हैं अच्छा पेड़ शिक्षक के उचित प्रकाश से,
ज्ञान की ज्योति जलाकर,
शिष्य के जीवन का अंधकार मिटाते हैं,
क्या सही और क्या गलत है,
इसके अंतर को शिक्षक ही समझाते हैं,
अच्छे समाज की नींव का दायित्व,
शिक्षक ही उठाते हैं,
शिष्य को सफलता के शिखर पर,
पहुँचाने का मार्ग शिक्षक ही बनाते हैं,
शिष्य के जीवन की फुलवारी को,
अपनी शिक्षा से महकाते हैं,
धन्य है सारे वो शिष्य,
जिनको मिला शिक्षक का प्यार है,
उनकी ज्ञान की छत्रछाया से,
जिंदगी में हुई रौशनी की बहार है।।
By:Dr Swati Gupta



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