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शिक्षक का दर्द- वर्तमान में ..

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04 -Sep-2021 Mala Pahal Teacher Day Poem 0 Comments  177 Views
Mala Pahal

शिक्षक का दर्द- वर्तमान में ..

कहाँ गए वो दिन सुनहरे!
शाला में प्रवेश करते ही,
अभिवादन करते बच्चे प्यारे,
श्यामपट को रंगीन बनाते,
चाॅक से सनी उँगलियों को निहारते,
बच्चों की मस्ती देखते,
खुशी मनाते,खुशी बांटते,
बच्चों संग बच्चे बन जाते,
माँ बन बच्चों को सहलाते,
गुरू बन फिर डांट लगाते,
मित्र बन फिर गले लगाते,
ज्ञान बांटते,मुश्किल सुलझाते,
भविष्य के सपने दिखलाते,
उन्हें सच करने की राह बतलाते,
अनगिनत आशाएँ जगाते,
भाईचारे का सबक सिखलाते।
कहां गए वो दिन सुनहरे!
कब आयेंगे वो दिन उजियारे?
फिर आए वह दिन नया सुनहरा,
फिर से खुले हमारा विद्यालय प्यारा।
फिर से बजे शाला की घंटी प्यारी,
कानों में गूँजे बच्चों की किलकारी।

'माला पहल', मुंबई



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