Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

एक लड़की सदा के लिए सो गई।

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06 -Dec-2021 Rashmi Rajora Social Issues Poems 0 Comments  170 Views
एक लड़की सदा के लिए सो गई।

हल्की सी आह निकली आग की लपटों में गुम हो गई बात कुछ नहीं थी बस, एक लड़की सदा के लिए चिता की सेज पर सो गई। किस्सा बेशक पुराना है,लेकिन दहेज का आज भी वही जमाना है जैसा भी हो आखिर रिवाज तो अपना निभाना है। बहुत कुछ दिया पि

कौन सुनेगा मेरी बात

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03 -Oct-2021 Ravi Social Issues Poems 0 Comments  111 Views
कौन सुनेगा मेरी बात

असत्य, हिंसा और भ्रष्टों की टोली में, कौन सुनेगा मेरी बात ।। चेहरे-चेहरे से फरेबी कर रहा है । हर रिश्ते में छलावा हो रहा है । जान कर भी अनजान बने हैं हम । क्यों कि, असत्य, हिंसा और भ्रष्टों की टोली में, कौन सुनेगा मेरी

भक्तों में हो रही जय जयकार

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11 -Sep-2021 Harpreet Ambalvee Social Issues Poems 0 Comments  157 Views
भक्तों में हो रही जय जयकार

भक्तों में हो रही जय जयकार पेट्रोल के दाम 100 के पार, सिलेंडर के दाम हजार के पार, दाम बढ़ते रहेंगे, हर रोज, हर बार, भक्तों में हो रही जय जयकार, सरकार की अजीब राजनीति निराली, दुखी जनता मे दिखाए खुशहाली, सड़कों को दिखाते द

महंगाई से बातचीत

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18 -Aug-2021 Rashmi Rajora Social Issues Poems 5 Comments  675 Views
महंगाई से बातचीत

महंगाई से बातचीत एक दिन मैं स्कूल जा रही थी, देश की खुशहाली के गीत गा रही थी। रास्ते में मुझे मिल गई , महंगाई मैंने पूछा क्या हाल है -ताई ।। बहुत दिन हो गए इंडिया में , अब तो जाओ, देशवासियों को अब और न सताओ । वह बोली - इंड

कागज़ का पुल (Kagaaz Ka Pul)

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25 -Jul-2021 Piyush Raj Social Issues Poems 0 Comments  403 Views
कागज़ का पुल (Kagaaz Ka Pul)

*कागज़ का पुल* अंग्रेजों का बनाया सौ साल से, चल रहा था वह पुल आई एक प्राकृतिक आपदा और ढ़ह गया वह पुल। दो गाँवों को जोड़ने का, जरिया था वह पुल टूटा है जबसे, बच्चे नहीं जा पा रहे हैं स्कूल। भोली जनता कर रही इंतजार कि जल्द प

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