Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मेरा मरना अभी Mera Marna Abhi

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31 -May-2019 Yashu Jaan Social Issues Poems 0 Comments  120 Views
मेरा मरना अभी Mera Marna Abhi

मेरा मरना अभी छोड़ दो मेरे भाईयों को लड़वाना , हिन्दू, मुस्लिम कहकर बरगलाना , मैं बीच में खड़ा हूँ बात मुझसे करो , मैं डरने वाली शह नहीं हुआ , जो तुम मुझे धमकियाँ दे रहे हो , मेरा मरना अभी तय नहीं हुआ सोचो जब हम उतरेंगे

डर लगता है

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15 -May-2019 Ritika Pandey Social Issues Poems 0 Comments  143 Views
डर लगता है

अब मुझे भी डर लगता है, अब मुझे भी घुटन होती है, अब मुझे भी चुभन होती है, अब मुझे भी जलन होती है, कैसे वो रोज़ दुपट्टा बाँध कर खुद को मेहफ़ूज़ समझती है, महज़ नज़रे झुका कर जाने को वो अपनी जीत समझती है, अनजान क़दमों की आहट सुनते

हौसला आगे तू रख

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11 -May-2019 Archie Social Issues Poems 0 Comments  96 Views
हौसला आगे तू रख

कैसे कहैं के सफ़र कितना मुस्किल हो चला था उससे कैसे लड़ती रही मैं । उसने एक हाथ पकडा़ मैनें दूसरे से छुड़ा लिया। तो कमर पे हाथ रख के घींच लिया कस के सीने से लगा लिया बाहो मे दबा लिया ।। पिछली जेब से एक छुरी निकाली जो

पाखण्ड

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06 -May-2019 DeepJangra Social Issues Poems 0 Comments  59 Views
पाखण्ड

कितणा मरै किसान जवान किस किस तरियां ज्यान गवावै सै देख ल्यो कितणा मिलै पांखण्ड तै भगवन घर घर मैं ज्योत जलावै सै देख ल्यो भगवान तै वैं होवैं घणी दूर सुण ले जोणसे मंदर के आगै प्रसाद बेचै सै धन का ना तोड़ा होवैं महल खड़

रोवै था

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06 -May-2019 DeepJangra Social Issues Poems 0 Comments  36 Views
रोवै था

**************रोवै था************** कदे परवा कदे पछवा नै देख कै डर रया था काले बादल देख कै ऊपर नै मुँह कर रया था कोणसी रीत चलाई तनै राम पाणी भर रया था पहलां ऐ कर्जा ठा कै बिचारा खेती कर रया था कुछ सोच रया था वो बेरा ना किम्मे टोहवै था ए

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