Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

बच-बचके चल मेरे यार।

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21 -Feb-2020 Anil Mishra Prahari Social Poems 0 Comments  269 Views
बच-बचके चल मेरे यार।

बच- बचके चल मेरे यार। यहाँ जिसे अपना जताओगे ठोकर भी उसी से खाओगे, मुस्कुराता, मासूम चेहरा छलेगा यह विष-बेल जहर ही फलेगा, बन्द आँखों से मत कर सफर अपना बनाके तुझे देंगे जहर। पैरों के नीचे सुलगता अंगार बच- बचके चल मेरे

आशिकों को संभलना (एक ग़ज़ल)

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02 -Feb-2020 Anand kumar (Manish) Social Poems 2 Comments  347 Views
आशिकों को संभलना (एक ग़ज़ल)

आशिकों को संभलना सिखाते हैं लोग बेसहारों को चलना सिखाते हैं लोग ये कलयुग है यहां किसी को किसी की परवाह नहीं यहां तो अंधों को आईना दिखाते हैं लोग खुद कहां पहुंचेंगे कोई ठिकाना नहीं मगर राहगीरों को रास्ता बताते ह

मिजाज ए दिल

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08 -Jan-2020 Hemant Kumar Tayde Social Poems 0 Comments  79 Views
मिजाज ए दिल

पहुंचा सदा ले के किस किस हरम को दिल। क्यों न दिया ऐ खुदा उस बेरहम को दिल। शीशा जडा़ है जीस्म मे, तो पत्थर से ना खेल, तोड़ने की खातिर दे न दूँ अपने सनम को दिल। इश्क हुआ है जो अपनी समझ से दूर, और फिर न आये झांसे किसी वहम को

नहीं हूँ मैं

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08 -Jan-2020 Hemant Kumar Tayde Social Poems 0 Comments  116 Views
नहीं हूँ मैं

किमारखाने जीता हुआ ईनाम नहीं हूँ मैं। तेरी महफिल मे शौक ए इंतजाम (मंनोरंजन के लिए) नहीं हूँ मैं। अन्दाज ए मगरूर ए लहजे से ना बुला मुझको, जबाँ पर ना हुआ तो क्या, बेनाम नहीं हूँ मैं। उसको लबों से लगाकर मर जाऊँ मैं अगर,

मेरी आवाज

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29 -Nov-2019 Swarashree Social Poems 0 Comments  192 Views
मेरी आवाज

क्या तू मेरी आवाज सुन सकता है? मैं चुप बैठने वालों में से नहीं तेरे बाप का चलता फिरता माल नहीं क्या समझा था तूने मुझे इतनी दरिंदगी करने के बाद जाने दूंगी तुझेl क्या तू मेरी आवाज सुन सकता है? जो तुझ जैसे हैवान ने मिलक

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