Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मिजाज ए दिल

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08 -Jan-2020 Hemant Kumar Tayde Social Poems 0 Comments  14 Views
मिजाज ए दिल

पहुंचा सदा ले के किस किस हरम को दिल। क्यों न दिया ऐ खुदा उस बेरहम को दिल। शीशा जडा़ है जीस्म मे, तो पत्थर से ना खेल, तोड़ने की खातिर दे न दूँ अपने सनम को दिल। इश्क हुआ है जो अपनी समझ से दूर, और फिर न आये झांसे किसी वहम को

नहीं हूँ मैं

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08 -Jan-2020 Hemant Kumar Tayde Social Poems 0 Comments  20 Views
नहीं हूँ मैं

किमारखाने जीता हुआ ईनाम नहीं हूँ मैं। तेरी महफिल मे शौक ए इंतजाम (मंनोरंजन के लिए) नहीं हूँ मैं। अन्दाज ए मगरूर ए लहजे से ना बुला मुझको, जबाँ पर ना हुआ तो क्या, बेनाम नहीं हूँ मैं। उसको लबों से लगाकर मर जाऊँ मैं अगर,

मेरी आवाज

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29 -Nov-2019 Swarashree Social Poems 0 Comments  131 Views
मेरी आवाज

क्या तू मेरी आवाज सुन सकता है? मैं चुप बैठने वालों में से नहीं तेरे बाप का चलता फिरता माल नहीं क्या समझा था तूने मुझे इतनी दरिंदगी करने के बाद जाने दूंगी तुझेl क्या तू मेरी आवाज सुन सकता है? जो तुझ जैसे हैवान ने मिलक

आज घुट के इंसान यहां जीते हैं.....!!

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14 -Nov-2019 pravin tiwari Social Poems 0 Comments  285 Views
आज घुट के इंसान यहां जीते हैं.....!!

सुबह घर से निकले तो, शाम को घर आते हैं.....! घर की खुशीयों के लिए, इंसान क्या कुछ नहीं करते है......! बढ़ती इस मंहगाई की दौर में, बस मिडिल क्लास ही पिसते है.....! कैसे बच्चों का भविष्य बनाएं, स्कूल काॅलेज भी कहां सस्ते हैं......! जै

वह गरीब है

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09 -Nov-2019 Divya Raj kumar Social Poems 1 Comments  397 Views
वह गरीब है

पिछ्ले कुछ दिनों से या यूँ कहूँ हमेशा से दुख होता है देखकर रोना आता है पर आसूँ कैसे बहाऊ जब वो खुश है जैसी भी हालत है उसकी उसमे वो खुश है तेज धूप में चमड़ी झुलसती है उसकी पैरों में छाले पड़ जाते है क्योंकि वह गरीब है

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