Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

किसानों का सम्मान हो...

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20 -Sep-2019 Suman Kumari Social Poems 0 Comments  184 Views
किसानों का सम्मान हो...

किसानों का सम्मान हो.... पंथरिली बंजर जमीन को, जिसने हरे भरे खेतों में ढाला... अपना ही नहीं पूरे भारत का, पेट जिन कृषकों ने पाला है, अब जरुरत है उनका भी गुणगान हो.... किसानों का सम्मान हो....!!!! जो मिट्टी को चीरकर उससे अनाज उ

मैंने नेत्र दान कर दिया

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24 -Aug-2019 Vikash Varnval Social Poems 0 Comments  326 Views
मैंने नेत्र दान कर दिया

किसी अँधेरे को उजाले का वर दिया हां, मैंने नेत्र दान कर दिया किसी और की अमानत हो गई ये आँखें सोये सपनों में जान भर दिया हां, मैंने नेत्र दान कर दिया मेरा धर्म है सम्हाल के रखूं अमानत को सलामती का इंतज़ाम कर दिया हां,

इंसानियत में ही सबका भला है......!!!

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20 -Apr-2019 Shivendra Singh Social Poems 0 Comments  400 Views
इंसानियत में ही सबका भला है......!!!

कई दिनों की जुदाई थी, जब हमने घर में अंतिम गरम रोटी खाई थी | जीवन कैद सांसों में था, जीने का मलाल एहसासों में था | ह्रदय की तेज धड़कनों के बीच , देश में कुछ गूंज रहा था | किसी को राजनीति , तो किसी को दंगा सूझ रहा था | मै अचं

किन्नर का समाज में स्थान

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14 -Mar-2019 mannu bhai Social Poems 0 Comments  508 Views
किन्नर का समाज में स्थान

किन्नर का समाज में स्थान ना नर है ना नारी है, ना ही समाज के अंश है ना घर है ना परिवार है, ना ही इनका कोई वंश है बुझे हुए यह दीपक है, जौ जलते दीप हजारो में औकात नही है इनकी, इस जग के बाजारो मेँ कर्म है इनका दुआ देना,और बलाओ

बदल रहा जमाना है......

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12 -Jan-2019 Piyush Raj Social Poems 1 Comments  807 Views
बदल रहा जमाना है......

बदल रहा जमाना है....... रिश्तेदार ऑनलाईन हो गए जिंदगी में सब फाइन हो गए मिलते नही आपस में अब तो व्हाट्सएप पर सब जॉइन हो गए मतलबी हो गए है रिश्ते नही इसे अब निभाना है क्या करोगे भैया अब तो बदल रहा जमाना है किताबों से सब द

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