Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

शबनम की बूंदों की परछाई है।

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03 -Mar-2022 ताज मोहम्मद Social Poems 0 Comments  54 Views
शबनम की बूंदों की परछाई है।

तन्हाईयों ने ली अंगड़ाई है। फिर भी नींद ना हमको आई है।।1।। शिकस्ता-हाल जिन्दगी है। देखो कितनी बढ़ गईं मंहगाई है।।2।। बड़ी शान वाला इलाही है। तारीफे खुदा को ना रौशनाई है।।3।। तुझसे बातें करते हुए देखो। हंसते-हंसत

लौटकर आयेंगें तुम्हारे पास।

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27 -Jan-2022 ताज मोहम्मद Social Poems 0 Comments  221 Views
लौटकर आयेंगें तुम्हारे पास।

लौटकर आएंगे तुम्हारे पास, जाने दो गर वह जिद करते है। कहाँ मिलेगा तुमसा महबूब, छोड़ दो गर मुश्किल करते है।।1।। नादानं है वह ना समझते है, कहाँ इश्क अब दिल करते है।। टूटकर बिखर जाते है जब, यूँ इश्क में दर्दे दिल मिलते है

अगर वह यूँ पीते हैं।

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27 -Jan-2022 ताज मोहम्मद Social Poems 0 Comments  66 Views
अगर वह यूँ पीते हैं।

जो पसन्द है उनको पीना, तो पीने दो अगर वह यूँ पीते है।।1।। समझेगा उनका खुदा उन्हें, जी लेने दो अगर वह यूँ जीतें हैं।।2।। खुद ही अज्र पा जाएंगे वो, जो कुछ भी जिंदगीं में करते है।।3।। सब तो दिया है खुदा ने, पूंछो क्यूं वह

उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव।

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27 -Jan-2022 ताज मोहम्मद Social Poems 0 Comments  66 Views
उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव।

देखो उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव सर पर आ गया है। तभी तो हर नेता झूठ की सफेद चादर ओढ़ के इंसान बन गया है।।1।। प्रत्येक पार्टी में विधायकी के टिकट को लेकर बड़ी मारा मारी है। कुछ नेताओं ने तो इस बात से नाराज़ होकर

फिर से दुकानें खुल गयी है।

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27 -Jan-2022 ताज मोहम्मद Social Poems 0 Comments  56 Views
फिर से दुकानें खुल गयी है।

देखो फिर से दुकानें खुल गयी है। पर फूल बेचने वाली वो छोटी बच्ची ना दिखी है।।1।। अब क्या सुनाए दास्तान गरीब की। उसकी इज्ज़त यहां के वहशियों से ना बची है।।2।। गरीब के घर अमीर पुलिस लाया है। शायद अमीर लड़की गरीब लड़के सं

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