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Ek Main Bhi Watan Ke Waaste, Ek Tu Bhi Watan Ke Waaste...

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02 -Sep-2012 Dinesh Gupta Social Poems 0 Comments  1,591 Views
Dinesh Gupta

मुझे लगता है अभी वो वक्त है जब सभी समाजसेवी और भ्रष्ट्राचार विरोधी ताकतों को एक साथ खड़े हो जाना चाहिये......और उखाड़ फेंकना चाहिये इन निरंकुश राजनेतिक ताकतों को..... ये वक्त गिले शीकवे , मतभेद और तरीकों में अलगाव का नहीं है, देश रिजल्ट चाहता है ...................

रह रह कर बस यही ख्याल आता है.............

जीत मिले या हार मिले, बस लड़ने का अधिकार मिले
न चंद सियासी दलालों को शब्दों का व्यापार मिले.......

मौत मिले या अमरत्व मिले, बस अपना अधिकार मिले
गुनाहगारों को सज़ा भरे बाज़ार मिले.........................

काँपी तो है इमारतें कई कई बार....
अब जरा ये बुनियादें हिले................

मैं मिलूँ तुझसे, तू मिल उससे, यूँ मिले हम सबसे....
जब बात वतन की है तो फिर क्या शीकवे क्या गिले

जब एक है मंजिल तो फिर क्यूँ अलग अलग हो रास्ते
एक मैं भी वतन के वास्ते, एक तू भी वतन के वास्ते...

दिनेश गुप्ता 'दिन' [ https://www.facebook.com/dineshguptadin ]



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