Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

मगर वक्त ना मिला

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21 -Apr-2022 Jaypal Singh Panwar Spiritual Poems 0 Comments  29 Views
मगर वक्त ना मिला

सोचा कि मैं हाथ मिला लूँ बीते कल और अगले कल से, अगले-पिछ्ले गहरे बरसो से और इस हमसफर पल-पल से। मगर वक्त ना मिला। दर्द से उस पीड़ा से जो कहीं मेरे किस्सों में शामिल है, हाथ मिला लूँ उस मुस्कान से भी जो उस दर्द कि कातिल ह

Magar waqt na mila

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09 -Apr-2022 Jaypal Singh Panwar Spiritual Poems 0 Comments  29 Views
Magar waqt na mila

सोचा कि मैं हाथ मिला लूँ बीते कल और अगले कल से, अगले-पिछ्ले गहरे बरसो से और इस हमसफर पल-पल से। मगर वक्त ना मिला। दर्द से उस पीड़ा से जो कहीं मेरे किस्सों में शामिल है, हाथ मिला लूँ उस मुस्कान से भी जो उस दर्द कि कातिल ह

गीत: श्री चित्रगुप्त भगवान स्तुति

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27 -Feb-2022 Ravi Spiritual Poems 0 Comments  242 Views
गीत: श्री चित्रगुप्त भगवान स्तुति

हे लेखनी-मसि भाजन भगवन, हे धर्मराज भगवन। तुझको पीताम्बर अर्पण, तुझको पुष्प माला अर्पण। हे श्री चित्रगुप्त भगवान, जय श्री चित्रगुप्त भगवान। हे श्री चित्रगुप्त भगवान, जय श्री चित्रगुप्त भगवान। श्याम-रंग, कमल-नयन

गीत: शिव स्तुति

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24 -Feb-2022 Ravi Spiritual Poems 0 Comments  177 Views
गीत: शिव स्तुति

बम बम बम बोले हम, हे बाबा भोलेनाथ, हे जटाधारी नाथ‌। डम डम डम तेरी डमरू बाजे, भक्तों की है यही पुकार। हे बाबा भोलेनाथ, हे जटाधारी नाथ‌। हे शिव-शंकर, हे नागेश्वर, तुम हो सबके हितकारी। तुम देवों के देव, महादेव हो हो तीनो

धन

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19 -Feb-2022 Buddha Prakash Spiritual Poems 0 Comments  87 Views
धन

हे पिता ! श्रेष्ठ है तू देखा न तुझ-सा शील, धैर्य और असीम शान्त मुख चट्टान-सा अडिग तेज-सा सुख वचन व्दन्द लक्ष्य परमानन्द अजर अमर स्थिर मन की वेदना धीर रुक रहा ये तन देख ये आनन्द तेरा यह भ्रम धन्य है तू दिया ये सच्चा धन

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