Latest poems on teachers day, sikshak diwas kavita

स्त्री का दर्जा

0
04 -Jun-2018 anuj bhargava Social Issues Poems 0 Comments  179 Views
anuj bhargava

स्त्री का दर्जा
यह बात और है
हमारे देश में स्त्री को
देवी का दर्जा दिया गया
“लेकिन”
इन्हीं देवियों के साथ
समाज के ठेकेदारों ने
क्या-क्या कैसे-कैसे
सलूक किए
सब जानते हैं
लेकिन यहां बात
सामाजिक दृष्टिकोण से
जरा हटकर है।
देवी पूजा मंदिर तक सिमटी
आज के असुरों ने देवी पर
पर्दा डाल खुली आँखों से
हर मोड़ पर
निचोड़ निचोड़ स्त्री को
अपनी हवस भूख मिटा
अबला बना, फिर
ठोकर मार ढकेल दिया
औरत का देवी दर्जा
खंडित हो गया
यह बात और है कि उसे
देवी का दर्जा दिया गया ...
अनुज भार्गव



 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017