Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

सुनसान सी सङक है

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26 -Mar-2021 Keshav Motivational Poems 0 Comments  14 Views
Keshav

सुनसान सी सड़क है,मैं हूं अकेला,सफर जिन्दगी है सपनों का मेला!
थकने लगा हूं रुकने लगा हूं,डरना मना है कोई बताए ऐसे हमको!!
लंबा सा चौराहा-वहां घना सा अँधेरा,दूर कहीं मुझसे है खुशियों का डेरा!
रुकने लगा हूं-समझ आए कैसे,डरना मना है कोई बताए ऐसे हमको!!
सफर साथ में कोई तो साथ दे,है लंबी सी घुटन मुझे तो जीने की आश दे!
भटकने लगा हूं बोलो चैन पाए कैसे,डरना मना है कोई बताए ऐसे हमको!!
इन उदासियों के बादल जो मेरे पास-पास है,बता दे कोई दूर करें कैसे!
बहक तो रहा हूं-चैन आए कैसे,डरना मना है कोई बताए ऐसे हमको!!
कह तो रहा हूं रात हो गई है,डरने लगा हूं अब ऐसी वो बात हो गई है!
धड़कता दिल है-समझाए कैसे,डरना मना है कोई बताए ऐसे हमको!!
सफर जिन्दगी कटने की राहें,कांटे ही कांटे आ रही मुसीबत फैलाए बांहें!
सांस घूंट रही है-बच पाए कैसे,डरना मना है कोई बताए ऐसे हमको!!
रात हो रही है अँधेरी वीराना सा शहर है,कोई नहीं है जहां तक जाता नजर है!
मैं लुट तो गया हूं-कोई लौटाए कैसे,डरना मना है कोई बताए ऐसे हमको!!



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