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स्वाधीन दिवस / रक्षा बंधन

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14 -Aug-2019 nil Festival Poems 0 Comments  60 Views
स्वाधीन दिवस / रक्षा बंधन

स्वाधीन दिवस / रक्षा बंधन

देखो तो भाई -बहिना/सबका ही यह है गहना
स्वाधीन दिवस - रक्षा बंधन

हराभरा है बिछा गलीचा /हँसते गाते बाग़ -बगीचा
स्वर्ग परी ने बांची चिठिया/राखी ने उल्लास उलीचा
रिश्तों का सुख -चंदन...

राखी याद दिलाती बचपन/बहिना बावन भाई पचपन
पीहर पहुंचे रेशम धागे /हवा हुईं सारी उलझन
सेनानी घर सुख -नंदन...

चारों ओर बरसती गोली /रिश्तोंकी जलती... है होली
धागों का त्यौहार अनूठा /रिश्तों की भर देता झोली
रिश्तों का अटूट बंधन ...

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा /धागों का त्यौहार हमारा
भेदभाव सब हुए रफू /चारों ओर हुआ उजियारा
कर धागा माथे चंदन ....
[भोपाल:१५.०८.२०१९]



Dedicated to
जन गण मन

Dedication Summary
PRERAATMAK रचना

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