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तब बर्दाश्त नहीं होता....!!! (Poem on Pulwama Terror Attack)

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20 -Feb-2019 pravin tiwari Terrorism poems 0 Comments  850 Views
तब बर्दाश्त नहीं होता....!!! (Poem on Pulwama Terror Attack)

तब बर्दाश्त नहीं होता.......

जब बात करता पाक अमन की,
और आतंक को जन्म देता है....!

बढ़ा कर दोस्ती का हाथ,
फिर पीठ में छुरा घोंपता है....!

तब बर्दाश्त नहीं होता.......

जब देश के जवानों पर,
धोखे से वार होता है....!

इस देश में रहने वाला ही,
जवानों पे पत्थर फेंकता है....!

तब बर्दाश्त नहीं होता........

जब शहिदों की शहादत पर,
कोई राजनीति करता है....!

दुश्मनों की आलोचना के बदले,
उनकी ही हिमाकत करता है....!

तब बर्दाश्त नहीं होता.........

जो खाता तो है हिन्दुस्तान की,
और गुणगान पाकिस्तान के गाता है....!

वंदे मातरम् की जगह,
पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाता है....!

तब बर्दाश्त नहीं होता.........

कब बदलेगी भारत की सूरत...?
कब होगी सुख-शांति और समृद्धि का आगमन...?

वंदे मातरम्



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