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तकनीकी युग के बच्चे

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27 -Jan-2018 RAKESH KUMAR SRIVASTAV "RAHI" Kids Poem 1 Comments  1,139 Views
RAKESH KUMAR SRIVASTAV

बारिश के पानी में,
कागज़ की नाव चलाना,
खुले मैदान में तब,
पतंग से पेंच लड़ाना।
ये कल की थी बातें,
अब नया है ज़माना।

खेल को नहीं समझें,
हमसब, समय की बर्बादी,
गर्व हो देश को भी,
ऐसा खेल है दिखाना।
वो कल की थी बातें,
अब नया है ज़माना।

खेल-खेल में सीखें,
हमसब, ज्ञान भरी बातें,
हम को तो आता है,
ये इंटरनेट चलाना।
वो कल की थी बातें,

अब नया है ज़माना।
माना अबोध हैं हम,
आप निगरानी में रखें,
मगर न हमको रोकें,
इस कंप्यूटर को चलाना।
वो कल की थी बातें,

अब नया है ज़माना।
ना रहे पुराने दिन,
ना ही वो तौर-तरीके,

बढ़ना है हमसब को,
है तकनीक का ज़माना।
वो कल की थी बातें,
अब नया है ज़माना।

-© राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"
-© RAKESH KUMAAR SHRIVASTAVA "RAHI"



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1 More responses

  • poemocean logo
    Purnima (Guest)
    Commented on 29-January-2018

    Very true.

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