Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Shikshak (GURU)

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05 -Sep-2016 Deepak Gandhi Teacher Day Poem 0 Comments  1,062 Views
Shikshak (GURU)

गुरु होत संसार का लड्डू मोती चूर कर देता अज्ञान को है मूढो से दूर। ज्ञानपुंज वह रहा सनातन छल से कोसो दूर कहते जिसको गुरु सब , दिल से है कोहनूर। उजाला भरते जीवन में , शिक्षा दे भरपूर नही देखते राजा रंक , नही देखते सूर

Shikshak Karein Vichaar

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05 -Sep-2016 Dr. Roopchandra Shastri Mayank Teacher Day Poem 0 Comments  689 Views
Shikshak Karein Vichaar

आओ शिक्षक दिवस पर, प्रण करलें हम आज। गुरुओं के सम्मान को, करता रहे समाज।। -- ज्ञानदायिनी मात के, सत् गुरु होते दूत।। देते हैं उस ज्ञान को, जो होता अनुभूत।। -- जो रचते साहित्य को, उनका होता नाम। दिखलाना सन्मार्ग को, सत्

Shikshakk

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05 -Sep-2016 Hanuman Prasad Bohra Teacher Day Poem 0 Comments  565 Views
Shikshakk

इस युग पुरुष का कारवाँ सदा से चलता रहा जो युगों की माँग को,शिक्षा से भरता रहा यह कभी हारा नहीं,बाधाओं से लड़ता रहा जिंदगी भर पर्वतों से सामना करता रहा | मुस्कुराओ,बढ़ते जाओ,सबसे ही कहता रहा आसमाँ बन कर धरा पर छाँव भी क

Om Jai Shiksha Data

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05 -Sep-2016 Dr. Roopchandra Shastri Mayank Teacher Day Poem 0 Comments  496 Views
Om Jai Shiksha Data

ओम् जय शिक्षा दाता, जय-जय शिक्षा दाता। जो जन तुमको ध्याता, पार उतर जाता।। तुम शिष्यों के सम्बल, तुम ज्ञानी-ध्यानी। संस्कार-सद्गुण को गुरु ही सिखलाता।। कृपा तुम्हारी पाकर, धन्य हुआ सेवक। मन ही मन में गुरुवर, तुमको

Charan Vandna Sab Guruon Ki

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05 -Sep-2016 Bas Deo Sharma Teacher Day Poem 0 Comments  532 Views
Charan Vandna Sab Guruon Ki

चरण वंदना सब गुरूओं की ,जिन दीना मुझको ज्ञान, पाठ पढ़ा कर सिखलाई,जिन बातों से मैं था अनजान। कोरे कागज़ जैसा मन था ,मैं था बहुत चंचल नादान, गुरूओं ने ही लिखी इबारत , मुझे बनाया इक इंसान। उनकी शिक्षा के बल पर ही, सदा रहा म

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