Latest poems in Hindi & English on Republic day, India Gantantra Diwas, 26 January

Guru-Shishya Diwas

0
04 -Sep-2015 Satya Prakash Mishra Teacher Day Poem 0 Comments  6,824 Views
Guru-Shishya Diwas

शिष्य-गुरु का नाता जग में
सबसे पावन कहलाता।
इसके जैसा और न कोई
रिश्ता गुरुता को पाता।।

पर जैसे एक विद्वान गुरु को
शिष्य सुपात्र न मिल पाता।
वैसे पात्र शिष्य को गुरु भी
बड़े भाग्य से ही मिलता।।

कृष्ण यहाँ यदि शिष्य रूप में
सन्दीपनि गुरु बन आये।
पुरुषोत्तमश्रीराम शिष्य यदि
मुनि वशिष्ठ गुरु कहलाये।।

ज्ञानी ऋषि वरतन्तु गुरु हुये
कौत्स शिष्य बनकर आया।
गुरु समर्थ श्रीरामदास ने
शिष्य शिवाजी को पाया।।

ज्ञानी शिष्य विवेकानन्द को
रामकृष्ण गुरु मिले यहाँ।
गुरु के विना ज्ञान पा जाये
ऐसा कोई शिष्य कहाँ।।

भारत की यह पावन धरती
गुरुओं से गरिमा पाती।
गुरु शिष्यों की पावन गाथा
कवियों की वाणी गाती।।

Guru-Shishya Diwas


 Please Login to rate it.



You may also likes


How was the poem? Please give your comment.

Post Comment

Poemocean Poetry Contest

Good in poetry writing!!! Enter to win. Entry is absolutely free.
You can view contest entries at Hindi Poetry Contest: March 2017